Edited By Vijay, Updated: 01 Jun, 2026 06:47 PM

हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र स्थित शिलाई विधानसभा क्षेत्र के छोटे से गांव मिल्ला के वीर सपूत रविंद्र राणा ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माऊंट एवरैस्ट को फतह कर....
राजगढ़ (गोपाल): हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र स्थित शिलाई विधानसभा क्षेत्र के छोटे से गांव मिल्ला के वीर सपूत रविंद्र राणा ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माऊंट एवरैस्ट को फतह कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिला सहित हिमाचल प्रदेश और देश का नाम गौरवान्वित किया है। भारतीय सेना के इस जांबाज जवान ने अपनी टीम के साथ 8848.86 मीटर ऊंची माऊंट एवरैस्ट की चोटी पर सफलतापूर्वक पहुंचकर साहस, समर्पण और देशभक्ति का अद्भुत परिचय दिया है। रविंद्र राणा भारतीय सेना की प्रतिष्ठित 9 पैरा स्पैशल फोर्सेज के सदस्य हैं और वर्तमान में देश की सबसे विशिष्ट सुरक्षा इकाइयों में शामिल नैशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
अपने इस ऐतिहासिक अभियान के बारे में जानकारी देते हुए रविंद्र राणा ने बताया कि वह एनएसजी की 16 सदस्यीय विशेष टीम का हिस्सा थे। टीम ने नेपाल की राजधानी काठमांडू से अपना अभियान शुरू किया और केवल 20 दिनों में माऊंट एवरैस्ट के शिखर तक पहुंचने में सफलता हासिल की। एवरैस्ट जैसे दुर्गम और जोखिमपूर्ण पर्वत पर इतनी कम अवधि में सफल आरोहण पर्वतारोहण जगत में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

दुनिया के सबसे ऊंचे शिखर पर कदम रखने के बाद एनएसजी की इस टीम ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा और 9 पैरा स्पेशल फोर्सेज का ध्वज फहराकर देश और अपनी रैजीमैंट के प्रति प्रतिबद्धता व गौरव का प्रदर्शन किया। 8848.86 मीटर की ऊंचाई पर इस ऐतिहासिक पल को जीते हुए टीम के सभी सदस्यों ने राष्ट्रगान गाया। इस दौरान एवरैस्ट की चोटी भारत माता की जय के नारों से गुंजायमान हो उठी। हिमाचल के इस लाल की यह उपलब्धि आज हर भारतीय के लिए गर्व और सम्मान का प्रतीक बन गई है।
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