Weather Update: प्रदेश में 10 सितम्बर तक साफ रहेगा मौसम, अब तक 1242 करोड़ का नुक्सान

Edited By Kuldeep, Updated: 06 Sep, 2026 07:39 PM

shimla weather clean

हिमाचल में मानसून की मार झेल रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला और राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार सोमवार से 10 सितम्बर तक प्रदेश में मानसून की गतिविधियां कम हो जाएंगी और मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा।

शिमला (संतोष): हिमाचल में मानसून की मार झेल रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला और राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार सोमवार से 10 सितम्बर तक प्रदेश में मानसून की गतिविधियां कम हो जाएंगी और मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 7 से 10 सितम्बर तक प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ेगा। मौसम मुख्य रूप से शांत रहेगा और हल्की बारिश हो सकती है। विभाग ने इन दिनों के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है। 11 और 12 सितम्बर को राज्य के कुछ हिस्सों में फिर से हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम साफ होने के चलते अगले 3-4 दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सैल्सियस की वृद्धि होने का अनुमान है।

रविवार को धौलाकुआं में सबसे अधिक 21.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि शिमला, कांगड़ा और कल्पा में मात्र बूंदाबांदी हुई। पिछले 24 घंटों में नाहन और नैना देवी में 5-5, जोगिंद्रनगर में 4 और सराहन व धौलाकुआं में 3-3 सैंटीमीटर बारिश हुई, वहीं चौपाल, रोहड़ू, कसौली, वांगतू, नेरी और धर्मशाला सहित कई स्थानों पर 2 सैंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। रविवार को ऊना प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 34.6 दर्ज किया गया। लाहौल-स्पीति का केलांग 9.5 डिग्री के साथ सबसे सर्द स्थान रहा। इस साल मानसून सीजन ने 30 जून से 6 सितम्बर तक प्रदेश में भारी तबाही मचाई है।

भूस्खलन, बाढ़ और ऊंचाई से गिरने जैसी मौसम संबंधी आपदाओं में अब तक 110 लोगों की दर्दनाक मौत हुई है। इसके अतिरिक्त 164 लोगों की जान सड़क हादसों में गई। 467 मवेशियों की भी मौत हुई है। आपदा में 38 मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए और 84 मकानों को आंशिक नुक्सान पहुंचा। इसके अलावा 467 कच्चे व 341 पक्के मकान, दुकानें और गौशालाएं भी प्रभावित हुई हैं। राज्य को अब तक 1,242.73 करोड़ रुपए का भारी-भरकम आर्थिक नुक्सान झेलना पड़ा है। इसमें सबसे ज्यादा मार जल शक्ति विभाग पर पड़ी है, जिसे 951.23 करोड़ रुपए का नुक्सान हुआ है। लोक निर्माण विभाग को 258.61 करोड़ रुपए की चपत लगी है।

राज्य आपदा परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में जनजीवन पूरी तरह पटरी पर नहीं लौटा है। राज्य में 78 संपर्क मार्ग अभी भी बाधित हैं, हालांकि सभी नैशनल हाईवे खुले हैं। सबसे खराब स्थिति मंडी जिले की है, जहां 36 सड़कें बंद हैं। इसके बाद कुल्लू में 22, कांगड़ा में 7, सिरमौर में 5, ऊना में 3, शिमला व सोलन में 2-2 और लाहौल-स्पीति में 1 सड़क अवरुद्ध है। बिजली आपूर्ति भी प्रभावित है। राज्य में कुल 12 ट्रांसफार्मर ठप्प हैं। कुल्लू के निरमंड में 10, शिमला के रामपुर में 2 शामिल हैं। इसके अलावा प्रदेश भर में 8 पेयजल योजनाएं, जिनमें शिमला में 5, चम्बा में 3 शामिल हैं, अभी भी ठप्प पड़ी हैं, जिन्हें बहाल करने का काम जारी है।

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