Edited By Kuldeep, Updated: 03 Jun, 2026 10:30 PM

हिमाचल की पंचायती राज संस्थाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर देवभूमि का मान बढ़ाया है। भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा बुधवार नई दिल्ली के स्कोप कन्वेंशन सैंटर में आयोजित राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार समारोह 2026 में हिमाचल प्रदेश की दो ग्राम पंचायतों...
शिमला (ब्यूरो): हिमाचल की पंचायती राज संस्थाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर देवभूमि का मान बढ़ाया है। भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा बुधवार नई दिल्ली के स्कोप कन्वेंशन सैंटर में आयोजित राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार समारोह 2026 में हिमाचल प्रदेश की दो ग्राम पंचायतों को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया है। केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने देश भर के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों की उपस्थिति में ये पुरस्कार प्रदान किए। हिमाचल प्रदेश की ओर से ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के निदेशक राघव शर्मा और ग्राम पंचायत शांशा के प्रधान प्रशांत सहित अन्य अधिकारियों ने मंच पर यह सम्मान प्राप्त किया। लाहौल-स्पीति जिले के लाहौल विकास खंड की ग्राम पंचायत शांशा ने देश भर में पहला स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया है। इस पंचायत को सामाजिक रूप से न्यायपूर्ण एवं सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायत की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार मिला, जिसके तहत उन्हें 1 करोड़ रुपए की भारी-भरकम नकद पुरस्कार राशि दी गई।
इसी तरह, मंडी जिला के बल्ह विकास खंड की ग्राम पंचायत लोहारड़ी ने भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेरी। लोहारड़ी पंचायत ने स्वच्छ एवं हरित पंचायत श्रेणी के तहत देश में तीसरा पुरस्कार हासिल किया। इस उपलब्धि के लिए पंचायत को 25 लाख रुपए की नकद पुरस्कार राशि भेंट की गई। पंचायत ने 100 प्रतिशत घरेलू शौचालय कवरेज के साथ अपने ओडीएफ के दर्जे को लगातार बनाए रखा। यहां घर-घर से कचरा इकट्ठा करने, उसका वैज्ञानिक तरीके से पृथककरण, कम्पोस्टिंग और सौर ऊर्जा आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर अद्भुत काम हुआ है। पंचायत के हर घर में स्वच्छ खाना पकाने के ईंधन का सार्वभौमिक उपयोग सुनिश्चित किया गया है। इस ऐतिहासिक सफलता पर सरकार और पंचायती राज विभाग ने दोनों ग्राम पंचायतों के प्रधानों, प्रतिनिधियों और स्थानीय जनता को बधाई दी है।