Shimla: सरकार का डीजल और पैट्रोल पर सैस लगाने का कोई मकसद नहीं : मुख्यमंत्री

Edited By Kuldeep, Updated: 02 Apr, 2026 09:42 PM

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सरकार का अभी डीजल और पैट्रोल पर सैस लगाने का कोई मकसद नहीं है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वीरवार को सदन में यह बात कही।

शिमला (राक्टा): सरकार का अभी डीजल और पैट्रोल पर सैस लगाने का कोई मकसद नहीं है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वीरवार को सदन में यह बात कही। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग बाहर बोलते हैं कि 5 रुपए का सैस लगा दिया जबकि हमने 5 रुपए का कोई सैस नहीं लगाया है। उन्होंने कहा कि वे सिर्फ हमने बिल द्वारा अधिकार लिया है, ताकि भविष्य में यदि जरूरत हो तो इसको लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि अभी संबंधित बिल को एसेंट मिलेगी, उसके बाद नोटिफिकेशन होगी और नोटिफिकेशन के बाद भी लगेगा तो ही लगाएंगे।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार खुद ही समर्थ होगी तो हम डीजल और पैट्रोल पर सैस क्यों लगाएंगे? हमारा पैट्रोल और डीजल के रेट पंजाब और हरियाणा से 80 से 80 पैसे कम है। उन्होंने कहा कि बजट सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पास हुए, जो प्रदेश की संपदा से संबंधित थे और प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए थे। उन्होंने कहा कि ठीक है, विधायकों की विधायक निधि काटी गई है और आपकी सैलरी भी कटती है, क्योंकि जनता यह चाहती है कि सबसे ज्यादा अगर कोई बलिदान करे, वे हम करें। क्योंकि हमें तो 5 वर्ष बाद जनता की अदालत में जाना पड़ता है।

जो सरकारी अधिकारी होते हैं, ब्यूरोक्रेट होते हैं वे तो 58 से 60 वर्षों तक सेवाएं देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने कई जगह खर्च में कटौती की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सत्र के बाद वह अधिकारियों के साथ रोजाना दो घंटे बैठकर फाइनांस की मीटिंग करेंगे। भविष्य में हम कुछ और फैसले भी लेंगे तभी तो हम हिमाचल की आत्मनिर्भरता की कल्पना कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि हम सभी मिलकर इस प्रदेश की आत्मनिर्भरता की लड़ाई लड़ें। कुर्सी आती है और जाती है, लेकिन अगर प्रदेश अपने पैरों पर खड़ा होगा तो हिमाचल की 75 लाख जनता को भी इसका लाभ मिलेगा।

अंतिम व्यक्ति को राहत पहुंचाने की कोशिश
मुख्यमंत्री ने कहा कि आरडीजी के कटने के बाद सरकार ने यह बजट प्रस्तुत किया। पहली बार इतिहास में, आरडीजी कटने के बाद भी हमारा पिछले वर्ष से बजट घटकर 54,928 करोड़ रुपए का हुआ। इस बजट के माध्यम से हमने आम आदमी, समाज के अंतिम व्यक्ति को राहत पहुंचाने की कोशिश की है ताकि उस पर इस बजट की चोट न लगे। इसी तरह हमने विधायक निधि में भी कट किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें परिस्थितियों से निपटना भी आता है। इस समय प्रदेश में जो यह आर्थिक चुनौती आई है, यह कोई बहुत बड़ी चुनौती नहीं है। हमें मालूम है कि समस्याएं हैं और हम उनका समाधान भी ढूंढ रहे हैं।

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