Edited By Vijay, Updated: 15 Sep, 2026 07:45 PM

सोलन स्थित पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) कॉलेज में एक छात्रा के साथ लाइब्रेरियन द्वारा कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करने का मामला तूल पकड़ गया है। घटना के विरोध में मंगलवार को स्टूडैंट्स फैडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर में जोरदार...
सोलन (ब्यूरो): सोलन स्थित पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) कॉलेज में एक छात्रा के साथ लाइब्रेरियन द्वारा कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करने का मामला तूल पकड़ गया है। घटना के विरोध में मंगलवार को स्टूडैंट्स फैडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और प्राचार्य कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने संबंधित लाइब्रेरियन को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विवाद की शुरुआत सोमवार को हुई। एक छात्रा अपना लाइब्रेरी कार्ड बनवाने के लिए कॉलेज आई थी। बताया जा रहा है कि जब छात्रा लाइब्रेरी के बाहर अपने दोस्तों के साथ बातचीत कर रही थी, तब लाइब्रेरियन ने कथित तौर पर उसके साथ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। एसएफआई और छात्रा द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार लाइब्रेरियन ने छात्रा को थप्पड़ मारने की धमकी दी। किन्नौर-स्पीति क्षेत्र से आने वाले विद्यार्थियों को लेकर क्षेत्रीय आधार पर अनुचित और आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। वहीं छात्रा के चरित्र को लेकर भी कथित तौर पर सवाल उठाए गए।
इस घटना से आहत छात्रा ने तुरंत कॉलेज प्रशासन को एक लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत के बाद मंगलवार को एसएफआई कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और उन्होंने प्राचार्य कार्यालय के बाहर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। छात्र संगठन ने स्पष्ट मांग की है कि विद्यार्थियों के साथ इस प्रकार का दुर्व्यवहार और क्षेत्रीय टिप्पणियां कतई बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने कॉलेज प्रशासन से आरोपी लाइब्रेरियन के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए पीजी कॉलेज सोलन की प्राचार्य शिवानी शर्मा ने कहा कि कॉलेज प्रशासन ने छात्रा की लिखित शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि संबंधित लाइब्रेरियन को तत्काल प्रभाव से कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। मामले में लाइब्रेरियन द्वारा छात्रा से माफी भी मांगी गई है। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर मामले की नियमानुसार जांच और विभागीय प्रक्रिया जारी है।
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