Edited By Vijay, Updated: 04 Nov, 2026 01:58 PM

शिक्षा खंड घुमारवीं-1 के प्राथमिक शिक्षकों ने राज्य सरकार द्वारा लागू किए जा रहे न्यू कॉम्प्लैक्स सिस्टम के प्रति अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। खंड स्तरीय कार्यशाला के दौरान प्राथमिक शिक्षकों ने हाथों में काले बिल्ले लगाकर सरकार की नीतियों के...
बिलासपुर (विशाल): शिक्षा खंड घुमारवीं-1 के प्राथमिक शिक्षकों ने राज्य सरकार द्वारा लागू किए जा रहे न्यू कॉम्प्लैक्स सिस्टम के प्रति अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। खंड स्तरीय कार्यशाला के दौरान प्राथमिक शिक्षकों ने काले बिल्ले लगाकर सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष जताया। शिक्षकों ने इस व्यवस्था को प्राथमिक शिक्षा के ढांचे के लिए अत्यंत घातक करार देते हुए सरकार से संबंधित अधिसूचना को तुरंत वापस लेने की मांग उठाई है।
अधिसूचना को बताया शिक्षा के साथ खिलवाड़
खंड महासचिव खूब सिंह ठाकुर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 23 सितम्बर 2025 को जारी न्यू कॉम्प्लैक्स सिस्टम की अधिसूचना न केवल प्राथमिक शिक्षा के स्तर को गिराएगी, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नई व्यवस्था मात्र एक 'जुगाड़ तंत्र' बनकर रह गई है, जिससे प्राथमिक ही नहीं, बल्कि माध्यमिक शिक्षा की व्यवस्था भी बुरी तरह चरमरा रही है।
कर्मियों व बेरोजगार युवाओं के हितों पर कुठाराघात
शिक्षकों का कहना है कि इस नई व्यवस्था के लागू होने से प्राथमिक पाठशालाओं में सेवाएं दे रहे मिड-डे मील वर्कर और मल्टी टास्क वर्कर के रोजगार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के हजारों प्रशिक्षित बेरोजगार जेबीटी युवाओं का भविष्य भी अधर में लटक जाएगा। संघ ने स्पष्ट किया कि इस अव्यावहारिक निर्णय से वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं के शिक्षक भी मानसिक तनाव और प्रशासनिक अव्यवस्था झेलने को मजबूर हैं।
प्रशासकीय क्षमता पर उठाए सवाल
संघ ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से इस व्यवस्था की व्यावहारिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब एक प्रधानाचार्य के लिए 15 से 20 स्कूलों का सुचारू संचालन करना ही व्यावहारिक रूप से असंभव है, तो ऐसे में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार का दावा पूरी तरह खोखला साबित होता है।
15 नवम्बर को धर्मशाला में होगा धरना-प्रदर्शन
शिक्षक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जनहित को ध्यान में रखते हुए इस अधिसूचना को शीघ्र वापस नहीं लिया, तो संघ उग्र कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। संघ की रणनीति के तहत आगामी शीतकालीन सत्र के दौरान प्रदेश के सभी 68 विधायकों को ज्ञापन सौंपकर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इसके साथ ही, 15 नवम्बर को धर्मशाला में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए खंड स्तर पर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस अवसर पर खंड स्तरीय पदाधिकारियों के अलावा जिला एवं राज्य स्तर के शिक्षक प्रतिनिधि और पदाधिकारी विशेष रूप से मौजूद रहे।
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