Bilaspur: रिटायर्ड तहसीलदारों और कानूनगो की होगी भर्ती, ₹70 हजार तक मिलेगी सैलरी

Edited By Vijay, Updated: 24 Oct, 2026 02:56 PM

recruitment will be for retired tehsildars and kanungos

जिला बिलासपुर में लंबे समय से लंबित राजस्व मामलों का तेजी से निपटारा करने और राजस्व प्रशासन को सुदृढ़ बनाने के लिए जिला प्रशासन ने एक अहम कदम उठाया है। इसके तहत जिले में सेवानिवृत्त तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों और कानूनगो की पुनर्नियुक्ति की जाएगी।

बिलासपुर (बंशीधर): जिला बिलासपुर में लंबे समय से लंबित राजस्व मामलों का तेजी से निपटारा करने और राजस्व प्रशासन को सुदृढ़ बनाने के लिए जिला प्रशासन ने एक अहम कदम उठाया है। इसके तहत जिले में सेवानिवृत्त तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों और कानूनगो की पुनर्नियुक्ति की जाएगी। डीसी कार्यालय की ओर से इसके लिए आधिकारिक तौर पर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक एवं पात्र अधिकारी 20 नवंबर तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।

प्रशासन द्वारा तय किए गए नियमों के अनुसार, पुनर्नियुक्ति पर चयनित अधिकारियों को आकर्षक मानदेय दिया जाएगा। इसके तहत तहसीलदार को 70,000 रुपए प्रतिमाह, नायब तहसीलदार को 60,000 रुपए प्रतिमाह और कानूनगो को 50,000 रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा।

इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए आवेदक के पास हिमाचल प्रदेश के राजस्व विभाग के किसी भी विंग में कम से कम 5 वर्ष की सेवा का अनुभव होना अनिवार्य है। इसके अलावा संबंधित अधिकारी के खिलाफ कोई विभागीय जांच या अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित नहीं होनी चाहिए। आयु सीमा की बात करें तो, जो अधिकारी 31 अक्टूबर 2026 तक 65 वर्ष से अधिक की आयु पूरी कर चुके होंगे, वे इस पुनर्नियुक्ति प्रक्रिया के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे।

चयनित अधिकारियों की सेवाएं पूर्णतः अस्थायी आधार पर ली जाएंगी। प्रारंभिक तौर पर यह नियुक्ति केवल तीन महीने के लिए की जाएगी। हालांकि, अधिकारी के कार्य प्रदर्शन और विभाग की आवश्यकता को देखते हुए इस अवधि को आगे बढ़ाया जा सकता है। मानदेय भी कार्य प्रदर्शन और कार्य आचरण प्रमाणपत्र के आधार पर ही जारी किया जाएगा। राजस्व मामलों से संबंधित लंबित कार्य का निपटारा होने के बाद प्रशासन द्वारा संबंधित अधिकारी की सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं।

इच्छुक अधिकारियों को अपना आवेदन डीसी कार्यालय में निर्धारित प्रपत्र  में ही जमा करवाना होगा। आवेदन पत्र के साथ सभी आवश्यक दस्तावेजों के अलावा किसी सरकारी अस्पताल से जारी शारीरिक फिटनैस प्रमाणपत्र लगाना अनिवार्य किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अधूरे अथवा 20 नवम्बर (अंतिम तिथि) के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।

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