Edited By Kuldeep, Updated: 29 Oct, 2026 02:02 PM

चिट्टे की बरामदगी के मामले में गिरफ्तार आरोपी को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। बिलासपुर की विशेष अदालत ने 9.51 ग्राम चिट्टे के मामले में आरोपी गुरिंदर सिंह निवासी नंद बैहल-टोबा की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
बिलासपुर (बंशीधर): चिट्टे की बरामदगी के मामले में गिरफ्तार आरोपी को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। बिलासपुर की विशेष अदालत ने 9.51 ग्राम चिट्टे के मामले में आरोपी गुरिंदर सिंह निवासी नंद बैहल-टोबा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने आरोपी के आपराधिक इतिहास, नशे से जुड़े अपराधों की पुनरावृत्ति की आशंका और मामले के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सुनाया। विशेष न्यायाधीश ज्योत्सना सुमंत डढवाल ने जमानत याचिका पर यह आदेश जारी किया।
मामला गत 18 अगस्त को कोट कहलूर थाना में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार श्री नयनादेवी जी में श्रावण मेले के दौरान टोबा गेट के पास पुलिस टीम गश्त कर रही थी। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक पुलिस के रुकने का इशारा करने पर भागने लगे। पुलिस के मुताबिक इस दौरान पीछे बैठा युवक नीचे उतरकर पुलिसकर्मियों से उलझ गया, जबकि दूसरा युवक मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गया। पकड़े गए युवक की पहचान गुरिंदर सिंह के रूप में हुई।
पुलिस का दावा है कि थाने में राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी और स्वतंत्र गवाह के समक्ष तलाशी लेने पर आरोपी के कपड़ों से एक पॉलीथीन पैकेट बरामद हुआ, जिसमें 9.51 ग्राम चिट्टा पाया गया। जिस पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ पंजाब में एनडीपीएस एक्ट के दो पुराने मामलों का भी उल्लेख किया। अदालत ने कहा कि नशे के मामलों में आरोपी के आपराधिक इतिहास और समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखना आवश्यक है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को फिलहाल जमानत देने से इनकार कर दिया ।