विदेशी छात्रों ने सीखी आयुर्वेद अस्पताल में मर्म चिकित्सा

Edited By Kuldeep, Updated: 23 Sep, 2019 03:48 PM

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विश्व की सबसे प्राचीन आयुर्वेद शिक्षा पद्धति व प्राकृतिक चिकित्सा विज्ञान का प्रशिक्षण लेने हेतु अमरीका की राष्ट्रीय यूनिवर्सिटी से आए हुए छात्रों ने राजीव गांधी राजकीय आयुर्वैदिक महाविद्यालय में मर्म चिकित्सा में विशेष रुचि दिखाई।

पपरोला: विश्व की सबसे प्राचीन आयुर्वेद शिक्षा पद्धति व प्राकृतिक चिकित्सा विज्ञान का प्रशिक्षण लेने हेतु अमरीका की राष्ट्रीय यूनिवर्सिटी से आए हुए छात्रों ने राजीव गांधी राजकीय आयुर्वैदिक महाविद्यालय में मर्म चिकित्सा में विशेष रुचि दिखाई। इस कड़ी के अंतर्गत उन्होंने मर्म चिकित्सा का अध्ययन किया। उन्होंने महाविद्यालय के चिकित्सालय की मर्म चिकित्सा इकाई में इस पद्धति के गुर सीखे। मर्म चिकित्सा से अमरीका से आए हुए छात्र बहुत प्रभावित हुए तथा चिकित्सालय के मरीजों पर इस चिकित्सा के अविश्वसनीय परिणामों को देखकर दंग रह गए। शल्य तंत्र विभाग के कार्यकारी विभाग के अध्यक्ष डा. अनिल दत्त के निरीक्षण में डा. गौरव परमार ने अमरीका से आए हुए छात्रों का मर्म चिकित्सा का प्रशिक्षण देकर लाभान्वित किया। इस दौरान विभागाध्यक्ष डा. अनिल दत्त, रीडर डा. अनिल शर्मा, वरिष्ठ प्रवक्ता डा. कुलवंत हिमालयन और मैडीकल ऑफिसर प्रदीप अवस्थी सहित डा. राजिका गुप्ता भी मौजूद रहीं। 

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