पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मेहली बनेगा मॉडल सोलर विलेज

Edited By Jyoti M, Updated: 06 Apr, 2026 01:56 PM

mehli to become a solar village

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लिए शिमला जिला की मेहली ग्राम पंचायत का चयन किया गया है।  पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जिला स्तरीय समीक्षा बैठक उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में सोमवार को हुई। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला की...

शिमला। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लिए शिमला जिला की मेहली ग्राम पंचायत का चयन किया गया है।  पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जिला स्तरीय समीक्षा बैठक उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में सोमवार को हुई। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला की ग्राम पंचायत  मेहली को मॉडल सोलर विलेज के तौर पर तैयार किया जाएगा।

योजना के तहत पहले दस गांवों का चयन किया था। इनमें त्याल, छकड़ैल, दत्त नगर, कितबाड़ी, परहेच, शिंगला, सराहन, कुमारसैन, बौंडा, और मेहली गांव शामिल थे।  गांवों की सारी औचारिकताएं पूरी करने के 28 फरवरी, 2026 तक समय दिया गया था। इनमें से केवल मेहली ग्राम पंचायत ही सारी औपचारिकताएं पूरी कर पाई। ऐसे में अब मेहली को एक करोड़ रुपए का पुरस्कार मिलेगा।

इस योजना के तहत अब तक जिला में 657 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं।  इनमें से 231 में इंस्टॉलेशन कार्य पूर्ण हो चुका है। इन से 803 किलोवाट सौर ऊर्जा की क्षमता होगी । इनमें से 231 का निरीक्षण कार्य पूरा हो चुका है। इनमें से 204 आवेदनों में सब्सिडी प्रदान की जा चुकी है।

उपायुक्त ने कहा कि योजना के प्रचार-प्रसार और जनभागीदारी बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस योजना में सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करके परिवारों को महत्वपूर्ण रूप से सशक्त बनाने की क्षमता है। पंचायतों को प्रत्येक सौर छत स्थापना के लिए 1,000 रुपये की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि मिलेगी। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वह निवासियों के बीच सक्रिय रूप से जागरूकता फैलाएँ ताकि न केवल सौर ऊर्जा अपनाने को बढ़ावा मिले, बल्कि पंचायतों के लिए वित्तीय प्रोत्साहन भी सुनिश्चित हो सके। इस बैठक में हिम ऊर्जा प्रोजेक्ट आफिसर अशोक शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

एक करोड़ का पुरस्कार

आदर्श सौर ग्राम घटक के अंतर्गत पूरे किए गए रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्रों की संख्या के आधार पर एक पंचायत का चयन किया, जिसमें सबसे अधिक सोलर रूफ टाॅप लगे होंगे। उस पंचायत का चयन आदर्श गाँव के आधार पर सौर ऊर्जा संवर्धन में उसके योगदान के लिए 01 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण समुदायों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने में तेजी लाना है।

योजना और पात्रता

केंद्र सरकार द्वारा 29 फरवरी, 2024 को स्वीकृत पीएम सूर्य घर का उद्देश्य छतों पर सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाना और आवासीय घरों को अपनी बिजली स्वयं उत्पन्न करने में सक्षम बनाना है। इस योजना के तहत 2 किलोवाट तक की सौर इकाइयों की लागत पर 60 फीसदी और 2 किलोवाट से 3 किलोवाट तक की अतिरिक्त क्षमता पर 40 फीसदी सब्सिडी दी जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा 3 किलोवाट है। तीन किलोवाट तक करीब 85 हजार रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाती है।

आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए और उसके पास सौर पैनल लगाने के लिए उपयुक्त छत वाला घर होना चाहिए। घर में वैध बिजली कनेक्शन भी होना चाहिए और आवेदक के परिवार ने पहले कभी सौर पैनल के लिए कोई अन्य सब्सिडी नहीं ली हो।

प्रदेश में हिमऊर्जा और विद्युत विभाग कर रहा संचालन

यह योजना हिमऊर्जा (हिमाचल प्रदेश ऊर्जा विकास एजेंसी) द्वारा संचालित तथा राज्य विद्युत विभाग के माध्यम से क्रियान्वित की जाती है। आवेदनकर्ता को आनलाईन आवेदन करना होता है। इसके बाद विद्युत विभाग आवेदनकर्ता को मंजूरी प्रदान करता है। इसके बाद आवेदनकर्ता को सोलर पैनल स्थापित करने के लिए वेंडर का चयन करना होता है तभी सोलर पैनल स्थापित होता है।

ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर सिस्टम के क्या फायदे

- उपभोक्ता को बिजली बिल में बचत।

- उपलब्ध छत की खाली जगह का उपयोग, अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता नहीं।

- ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों की अतिरिक्त जरूरत नहीं।

- टेल-एंड ग्रिड वोल्टेज में सुधार और सिस्टम कंजेशन में कमी।

- 1 किलोवाट सोलर पावर प्लांट से एक दिन में 3 से 4 यूनिट उत्पन्न कर सकते हैं।

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