Edited By Vijay, Updated: 04 Sep, 2026 05:18 PM

नालागढ़-रामशहर-शिमला मार्ग पर कुमारहट्टी के पास एक बार फिर भूस्खलन होने से सड़क का बड़ा हिस्सा करीब 15 फुट नीचे धंस गया है। भूस्खलन के चलते मार्ग पूरी तरह से बंद हो चुका है। सड़क पर जगह-जगह बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिससे स्थिति काफी खतरनाक बनी हुई...
नालागढ़ (सतविन्द्र): नालागढ़-रामशहर-शिमला मार्ग पर कुमारहट्टी के पास एक बार फिर भूस्खलन होने से सड़क का बड़ा हिस्सा करीब 15 फुट नीचे धंस गया है। भूस्खलन के चलते मार्ग पूरी तरह से बंद हो चुका है। सड़क पर जगह-जगह बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिससे स्थिति काफी खतरनाक बनी हुई है। पिछले वर्ष भी 6 अगस्त को यह मार्ग धंस गया था और इस वर्ष भी वही हालत हो गई है। एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई है। टीम व प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सड़क के समीप स्थित एक मकान को भी खाली करवा दिया है। भारी भूस्खलन होने से सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ गई है। मार्ग पूरी तरह बंद होने के कारण वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
बसों से ट्रांसमिट कर गंतव्य स्थान पर पहुंचाए लोग
नालागढ़ के विधायक हरदीप बावा, एसडीएम नरेंद्र आहलुवालिया, तहसीलदार हुसन चंद, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता परवरसर सिंह सहायक अभियंता राकेश कुमार स्थिति का जायजा लेने के लिए कुम्हारहट्टी पहुंचे। सड़क से पेवर ब्लाॅक हटाने का कार्य शुरू करा दिया है। विधायक हरदीप बावा ने बताया कि क्षतिग्रस्त स्थान के दोनों ओर बसों से ट्रांसमिट करके लोगों को उनके गंतव्य स्थान पर पहुंचाया जाएगा। मार्ग को खोलने के लिए मशीनें लगा दी गई हैं। जल्द ही मार्ग को समतल कर खुलवा दिया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बंद किए गए मार्ग पर जाने से बचें और किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
चिकनी खड्ड में बनी झील, निचले क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा
एसडीएम ने आमजन को सूचित किया कि कुमारहट्टी-मित्तियां मार्ग पर हुए भारी भूस्खलन के कारण चिकनी खड्ड का प्राकृतिक बहाव पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। इस कारण वहां एक विशाल कृत्रिम झील बन गई है। यह बांध कभी भी अचानक टूट सकता है, जिससे निचले क्षेत्रों में अचानक तीव्र बाढ़ जैसी गंभीर और जानलेवा स्थिति पैदा होने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे चिकनी खड्ड के आसपास या तटीय क्षेत्रों में जाने से पूरी तरह बचें। खड्ड के निचले इलाकों तथा खड्ड के तटों के पास रह रहे सभी लोग एवं परिवार तुरंत अपनी व अपने परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और सतर्क रहें। किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति, जलस्तर में बदलाव या खतरे का आभास होने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।
मार्ग बंद होने से 26 रूट प्रभावित, 2 दर्जन पंचायतों का संपर्क कटा
नालागढ़-रामशहर-शिमला मार्ग बंद होने से 26 रूट बंद हो गए हैं। रामशहर की 2 दर्जन पंचायतों का संपर्क पूरी तरह से कट गया है। क्वारनी, मितियां, जांड़ू, दिग्गल, शिमला, रूट बंद हो गए हैं। विधायक ने कुम्हारहट्टी के समीप दोनों ओर से ट्रांसमिट के जरिए यातायात सुविधा शुरू करने के आदेश दिए हैं।
हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें