Edited By Vijay, Updated: 23 Oct, 2026 07:15 PM

रामलीला मैदान रोहड़ू में भाजपा द्वारा आयोजित जनप्रतिनिधि सम्मान समारोह राजनीतिक जनसभा में तब्दील हो गया। समारोह में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे।
रोहड़ू (कार्तिक): रामलीला मैदान रोहड़ू में भाजपा द्वारा आयोजित जनप्रतिनिधि सम्मान समारोह राजनीतिक जनसभा में तब्दील हो गया। समारोह में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उनके साथ सांसद सुरेश कश्यप, पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, विधायक बलबीर वर्मा व खुशी राम बालनाटाहा सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता, मंडल पदाधिकारी और कार्यकर्त्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में हाल ही में निर्वाचित पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं और पार्टी कार्यकर्त्ताओं की मौजूदगी रही। कार्यक्रम में सम्मान के साथ-साथ प्रदेश की सुक्खू सरकार के खिलाफ भाजपा का आक्रामक राजनीतिक रुख भी साफ दिखाई दिया। मंच से वक्ताओं ने प्रदेश में विकास कार्यों की स्थिति, चुनावी गारंटियों, संस्थानों के डिनोटिफिकेशन, कानून-व्यवस्था और बागवानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद प्रदेश में विकास कार्यों की रफ्तार प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के समय स्वीकृत किए गए कई विकास कार्यों का बजट रोक दिया गया, जिसके कारण अनेक योजनाएं अधर में लटक गईं। उन्होंने रोहड़ू सहित ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति को लेकर भी सरकार से सवाल किए। जयराम ठाकुर ने पिछली भाजपा सरकार के समय खोले गए संस्थानों को डिनोटिफाई किए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेष के चलते स्कूलों, स्वास्थ्य संस्थानों और अन्य सरकारी कार्यालयों को बंद किया गया, जिसका सीधा असर ग्रामीण जनता पर पड़ा। उन्होंने कहा कि जनता की सुविधा के लिए खोले गए संस्थानों को बंद करने से लोगों को मिलने वाली सुविधाएं प्रभावित हुई हैं।
कांग्रेस की चुनावी गारंटियों को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार को घेरा। उन्होंने महिलाओं को 1500 रुपए, युवाओं को रोजगार और दूध-गोबर खरीद जैसी घोषणाओं का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान जनता से बड़े-बड़े वायदे किए गए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार उन गारंटियों को पूरा करने में विफल रही। उन्होंने कहा कि आज जनता सरकार से उन्हीं वायदों का जवाब मांग रही है, जिनके आधार पर कांग्रेस सत्ता में आई थी। जयराम ठाकुर ने कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में आम लोगों के काम सरकारी कार्यालयों में अटक रहे हैं और नौकरशाही पर सरकार का प्रभावी नियंत्रण नजर नहीं आ रहा। इस दौरान जयराम ठाकुर ने भाजपा कार्यकर्त्ताओं से आगामी राजनीतिक संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और कथित विफलताओं को जनता के बीच ले जाना होगा और संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करना होगा। उन्होंने कार्यकर्त्ताओं से सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए अभी से कमर कसने का आह्वान किया।
इस मौके पर सांसद सुरेश कश्यप ने भी प्रदेश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र से हिमाचल के विकास के लिए सहायता उपलब्ध करवाए जाने के बावजूद राज्य सरकार उनका अपेक्षित लाभ जनता तक पहुंचाने में असफल रही है। पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, विधायक बलबीर वर्मा और खुशी राम बालनाटाह ने भी रोहड़ू क्षेत्र से जुड़े मुद्दे उठाए। समारोह में नवनिर्वाचित प्रधानों, उपप्रधानों, बीडीसी और जिला परिषद सदस्यों को सम्मानित किया गया। भाजपा नेताओं ने इन प्रतिनिधियों को जमीनी स्तर पर संगठन और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी बताया तथा उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों के मुद्दों को मजबूती से उठाने का आह्वान किया। रोहड़ू में आयोजित यह समारोह भले ही नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान के लिए था, लेकिन मंच से निकले राजनीतिक संदेश ने इसे पूरी तरह सियासी रंग दे दिया। भाजपा ने स्थानीय मुद्दों को प्रदेश सरकार के खिलाफ अपने अभियान का आधार बनाने के संकेत दिए हैं और जयराम ठाकुर के आक्रामक संबोधन ने आने वाले समय में रोहड़ू की राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ने के संकेत दे दिए हैं।
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