हरोली बना हिमाचल का पहला पूर्ण CCTV निगरानी वाला विधानसभा क्षेत्र, डिप्टी CM ने 'आइना' केंद्र का किया उद्घाटन

Edited By Swati Sharma, Updated: 03 Jul, 2026 03:47 PM

haroli becomes himachal first fully cctv surveilled assembly constituency

Una News : ऊना जिले का हरोली विधानसभा क्षेत्र हिमाचल प्रदेश का पहला पूर्ण सीसीटीवी निगरानी वाला विधानसभा क्षेत्र बन गया है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शुक्रवार को 5.50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर...

Una News : ऊना जिले का हरोली विधानसभा क्षेत्र हिमाचल प्रदेश का पहला पूर्ण सीसीटीवी निगरानी वाला विधानसभा क्षेत्र बन गया है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शुक्रवार को 5.50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम) 'आईना' का लोकार्पण किया। मिनी सचिवालय स्थित डीएसपी कार्यालय में स्थापित यह सेंटर आधुनिक एवं तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली में अपराध की मंशा से आने वाला कोई भी व्यक्ति अब कानून की नजर से बच नहीं सकेगा। संपूर्ण विधानसभा क्षेत्र के 60 महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थानों पर स्थापित 195 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। अपराध में प्रयुक्त या संदिग्ध वाहन क्षेत्र में प्रवेश करते ही कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को तत्काल अलर्ट प्राप्त होगा, जिससे पुलिस त्वरित कार्रवाई कर सकेगी। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी तथा तकनीक के माध्यम से चालान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हाई-रिजोल्यूशन कैमरों और अत्याधुनिक तकनीक से लैस 'आईना' के साथ हरोली देश के उन चुनिंदा विधानसभा क्षेत्रों में शामिल हो गया है, जहां अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी तंत्र स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस स्तर की तकनीक का उपयोग पहली बार हरोली में किया गया है। उन्होंने बताया कि 'आईना' प्रदेश की पहली पूर्णतः वायरलेस कमांड एंड कंट्रोल प्रणाली है। सेंटर में स्थापित 19 बड़ी एलईडी वीडियो वॉल के माध्यम से पूरे विधानसभा क्षेत्र की गतिविधियों की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। सिस्टम में तीन माह तक का डेटा सुरक्षित रखने की क्षमता है, जबकि किसी प्रकार की छेड़छाड़ की स्थिति में भी आठ घंटे तक का डेटा सुरक्षित रिकॉर्ड होता रहेगा। उन्होंने बताया कि लगभग 1.50 करोड़ रुपये की लागत से सात इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) भी स्थापित किए गए हैं, जो यातायात प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों एवं अपराधियों की पहचान में पुलिस के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक से लैस यह व्यवस्था अपराध नियंत्रण को और मजबूत करने के साथ-साथ आम नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास भी बढ़ाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार पर फोकस

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जिला मुख्यालयों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शहरों की तर्ज पर गांवों में भी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। हरोली में एसडीएम कार्यालय, विभिन्न सरकारी कार्यालयों तथा वाहन पंजीकरण जैसी सुविधाओं की उपलब्धता क्षेत्र के समग्र विकास का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि हरोली में लगभग 25 हजार वाहन पंजीकृत हैं और अब लोगों को वाहन पंजीकरण के लिए अन्य स्थानों पर नहीं जाना पड़ता।

हरोली बस डिपो जल्द होगा शुरू

उपमुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले कुछ दिनों में हरोली में बस डिपो की स्थापना कर जनता को समर्पित किया जाएगा। इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं और विभिन्न रूट भी तय कर लिए गए हैं। यहां से दिल्ली, चंडीगढ़, शिमला तथा एम्स बिलासपुर सहित विभिन्न प्रमुख गंतव्यों के लिए नियमित बस सेवाएं संचालित होंगी। उन्होंने बताया कि टाहलीवाल में नए पुलिस थाना भवन का निर्माण भी शीघ्र आरंभ किया जाएगा। साथ ही पुलिस बल की आवश्यकता के अनुरूप मैनपावर बढ़ाने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है।

विकास की रफ्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली अस्पताल को 50 से बढ़ाकर 100 बिस्तरों का बनाने के लिए 8.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से चार करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं और शीघ्र निर्माण कार्य शुरू होगा। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र में लगभग 140 करोड़ रुपये की लागत से पुलों के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। इसके अलावा 75 करोड़ रुपये की बीत क्षेत्र सिंचाई योजना-दो तथा 97 करोड़ रुपये की कमांड एरिया डेवलपमेंट एवं मॉडर्नाइजेशन परियोजना के माध्यम से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में हरोली की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में 33 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, तीन सरकारी कॉलेज, दो आईटीआई, ट्रिपल आईटी, केंद्रीय विद्यालय, लॉ कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज तथा आयुर्वेदिक कॉलेज जैसी संस्थाएं संचालित हैं, जो क्षेत्र के शैक्षणिक विकास की मजबूत आधारशिला हैं।

बल्क ड्रग पार्क के लिए जल्द होगी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले महीनों में इसकी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि दो हजार करोड़ रुपये से अधिक की इस महत्वाकांक्षी परियोजना में प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार एक-एक हजार करोड़ रुपये का निवेश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना के साकार होने से बड़े निवेश के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे तथा क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

नए पुलिस वाहन को दिखाई हरी झंडी

इस अवसर पर उन्होंने डीएसपी कार्यालय हरोली के लिए नए पुलिस वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि इससे पहले पुलिस थाना टाहलीवाल और पुलिस चौकी पंडोगा को भी नए वाहन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। डीएसपी कार्यालय को नया वाहन उपलब्ध होने के बाद वहां का वर्तमान वाहन पुलिस थाना हरोली को सौंप दिया जाएगा, जिससे उपमंडल की सभी प्रमुख पुलिस इकाइयों को वाहन सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।

एसपी ने बताईं 'आईना' की विशेषताएं

पुलिस अधीक्षक ऊना सचिन हिरेमठ ने उपमुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए बताया कि पंजाब के साथ लगभग 55 किलोमीटर लंबी अंतरराज्यीय सीमा साझा करने वाले हरोली उपमंडल के 60 महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थानों पर कुल 195 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। इनमें 103 ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) तथा 92 अन्य सीसीटीवी कैमरे शामिल हैं। एएनपीआर तकनीक के माध्यम से संदिग्ध एवं अपराध में प्रयुक्त वाहनों की पहचान कर उनकी गतिविधियों पर तत्काल नजर रखी जा सकेगी।

उन्होंने बताया कि कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम भी संचालित होगा, जिसके जरिए ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट वाहन चलाना, ट्रिपल राइडिंग तथा सीट बेल्ट का उपयोग न करने जैसे यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी निगरानी रखी जाएगी। साथ ही सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, औद्योगिक क्षेत्रों तथा संवेदनशील इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी, जिससे अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।

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