फागली उत्सव : शलीण गांव में देव धुनें बजाकर भगाईं आसुरी शक्तियां

Edited By Vijay, Updated: 26 Feb, 2021 11:48 PM

fagli festival in sahlin village

जिला कुल्लू के अधिकतर गांवों में मनाया जाने वाला फागली उत्सव शुक्रवार को शलीण गांव में टुंडिया राक्षस की देव शक्ति से पराजय के साथ संपन्न हुआ। शांडिल्य ऋषि की देव शक्ति और पारंपरिक देव धुनों से ग्रामीणों ने आसुरी शक्तियों को अपने क्षेत्र से बाहर...

मनाली (ब्यूरो): जिला कुल्लू के अधिकतर गांवों में मनाया जाने वाला फागली उत्सव शुक्रवार को शलीण गांव में टुंडिया राक्षस की देव शक्ति से पराजय के साथ संपन्न हुआ। शांडिल्य ऋषि की देव शक्ति और पारंपरिक देव धुनों से ग्रामीणों ने आसुरी शक्तियों को अपने क्षेत्र से बाहर निकाल भेजा। शांडिल्य ऋषि के कारदार केशव ठाकुर ने बताया कि उझी घाटी के आराध्य देव शांडिल्य ऋषि एकादशी वाले दिन निकले थे और ऋषि द्वारा गांव की परिक्रमा करने के पश्चात देवता के गुर के माध्यम से ग्रामीणों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। उन्होंने बताया कि दोपहर बाद शलीण गांव में देव विधि अनुसार कार्यक्रम शुरू हुआ। ग्रामीणों ने आस्था के साथ देव कार्य में भाग लिया।

उन्होंने बताया कि देवता के प्रांगण में देवता का गुर अपनी खेल करता है और 2 व्यक्तियों को मुखौटे लगाए जाते हैं, जिसमें एक महिला का तथा दूसरा पुरुष का होता है। ये मुखौटे टुंडिया राक्षस के प्रतीक होते हैं। इनके अंदर राक्षस की शक्तियां प्रवेश होती हैं और देव शक्ति के साथ उन्हें दूर भगाया जाता है। उन्होंने बताया कि इस मौके पर आए हुए ग्रामीणों और देव प्रतिनिधियों द्वारा सीटियां व हो-हल्ला कर आसुरी शक्तियों को अपने क्षेत्र से बाहर खदेड़ा जाता है।

मनु ऋषि के मंदिर ओल्ड मनाली के प्रांगण से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद फागली का आगाज जनवरी में होता है। अंतिम चरण में शलीण गांव में राक्षस पर विजय प्राप्त करने और अपने क्षेत्र से बाहर निकाल फैंकने के साथ-साथ फागली उत्सव का समापन होता है। उझी घाटी के लोग सदियों से इस अनूठी परंपरा का निर्वहन करते आ रहे हैं।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!