Edited By Kuldeep, Updated: 11 Aug, 2026 10:42 PM

केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय बलाहर के दो छात्रों की रहस्यमय गुमशुदगी का मामला 16 दिन बाद भी अनसुलझा है। पुलिस और जांच एजैंसियों ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, फोरैंसिक जांच, खोजी कुत्तों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ सहित...
देहरा (राजीव): केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय बलाहर के दो छात्रों की रहस्यमय गुमशुदगी का मामला 16 दिन बाद भी अनसुलझा है। पुलिस और जांच एजैंसियों ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, फोरैंसिक जांच, खोजी कुत्तों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ सहित कई स्तरों पर जांच की, लेकिन अभी तक दोनों छात्रों का कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। अब तलाश अभियान को और व्यापक बनाने के लिए एनडीआरएफ और प्रोफैशनल गोताखोरों की मदद लेने की तैयारी है। जांच के दौरान घटनास्थल से गुजरने वाले करीब 6 दर्जन वाहनों की पहचान कर उनके चालकों से पूछताछ की गई। दूसरे जिलों और राज्यों से आए वाहनों की भी तस्दीक की गई।
संदेह के आधार पर एक स्कॉर्पियो वाहन की जांच की गई, लेकिन उसका इस मामले से कोई संबंध नहीं मिला। पुलिस ने अपहरण के एंगल पर भी जांच करते हुए परिजनों के संदेह के आधार पर एक रिश्तेदार से पूछताछ की, लेकिन उसके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों छात्र अक्सर रास्ते में लिफ्ट लेकर सफर करते थे। घटना वाले दिन सीसीटीवी फुटेज में दोनों द्वारा एक बाइक सवार से लिफ्ट मांगने के लिए हाथ देने की बात सामने आई। इस दिशा में भी जांच की गई, लेकिन कोई निर्णायक सुराग नहीं मिला। पुलिस ने दोनों छात्रों के करीब एक साल के सीडीआर का विश्लेषण करने के साथ मोबाइल फोन, बैंक खातों, यूपीआई लेनदेन, डिजिटल भुगतान और नई सिम के इस्तेमाल तक की पड़ताल की है। 28 जुलाई के बाद दोनों के मोबाइल फोन बंद हैं और उनकी कोई लोकेशन या वित्तीय गतिविधि सामने नहीं आई है।
सीसीटीवी फुटेज में दोनों छात्र उस स्थान तक दिखाई देते हैं, जहां बाद में उनके बैग बरामद हुए। इसके आगे उनकी कोई तस्वीर कैमरे में कैद नहीं हुई। खोजी कुत्तों ने विश्वविद्यालय परिसर से जामुन के पेड़ तक ट्रैक किया, लेकिन इसके बाद सुराग नहीं मिल पाया। लापता छात्रों की तलाश में एसडीआरएफ ने पौंग झील में कई दिनों तक व्यापक अभियान चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर सर्च अभियान बंद कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक देहरा संदीप धवल ने कहा कि जांच किसी एक संभावना तक सीमित नहीं है। अपहरण, दुर्घटना और अन्य सभी संभावित पहलुओं की समानांतर जांच जारी है।