Edited By Vijay, Updated: 31 Oct, 2026 07:53 PM

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला के पीटरहॉफ में आयोजित 'हिम रतन-2026' सम्मान समारोह में प्रदेश के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित किया। अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले 419...
शिमला (अभिषेक): हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला के पीटरहॉफ में आयोजित 'हिम रतन-2026' सम्मान समारोह में प्रदेश के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित किया। अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले 419 खिलाड़ियों को राज्य सरकार की ओर से कुल 17.85 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि वितरित की गई। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने 51 अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को 13.55 करोड़ रुपए और 368 राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को 4.30 करोड़ रुपए के चैक प्रदान किए। इस दौरान जापान में आयोजित एशियन खेल-2026 में पुरुष मैराथन के रजत पदक विजेता सावन बरवाल को 2.64 करोड़ रुपए और 10 हजार मीटर दौड़ की कांस्य पदक विजेता एथलीट सीमा कुमारी को 1.99 करोड़ रुपए से सम्मानित किया गया। महिला कबड्डी में स्वर्ण पदक विजेता टीम की सदस्य पुष्पा राणा व भावना ठाकुर को 1.04-1.04 करोड़ रुपए और रितु नेगी व ज्योति ठाकुर को 1.02-1.02 करोड़ रुपए के चैक दिए गए। इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर रेणुका ठाकुर को भी 2.20 करोड़ रुपए का पुरस्कार दिया गया।
रैफरी व कोच को 3 लाख की प्रोत्साहन राशि का ऐलान
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सरकारी नौकरी में कार्यरत अंतर्राष्ट्रीय स्तर के रैफरी और कोच को 3-3 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस कदम से उनका मनोबल बढ़ेगा और खिलाड़ियों को भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें उचित मान-सम्मान देने के लिए पुरस्कार राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है।

20 नवम्बर से 'खेलो हिमाचल, चिट्टा मुक्त हिमाचल' महाकुंभ का आगाज
प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने और राज्य को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने 20 नवम्बर को धर्मशाला से 'खेलो हिमाचल, चिट्टा मुक्त हिमाचल' खेल महाकुंभ शुरू करने का ऐलान किया। इस महाअभियान के तहत राज्य भर में क्रिकेट, वॉलीबाल और कबड्डी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिनमें 15 से 30 वर्ष की आयु के युवक और युवतियां अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे।

रोजगार पर फोकस, खेल विभाग में होंगी सीधी भर्तियां
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को केवल पुरस्कार राशि तक सीमित न रखकर उन्हें रोजगार के अवसर देना भी सरकार की प्राथमिकता है। इसी दिशा में 'असिस्टैंट डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स ऑफिसर' का पद सृजित किया गया है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में खेल विभाग वॉक-इन इंटरव्यू के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ियों को विभाग में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। इसके अतिरिक्त प्रदेश में खेल कोटे के तहत सरकारी नौकरियों में 3 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान पहले से लागू है।

खिलाड़ियों ने उठाई क्लास-वन नौकरी और लंबित ईनाम राशि की मांग
समारोह के दौरान खिलाड़ियों ने सरकार के समक्ष अपनी मांगें भी प्रमुखता से रखीं। एथलीट सीमा कुमारी ने एशियन गेम्स के तुरंत बाद सम्मान समारोह आयोजित करने की पहल को सराहा और खिलाड़ियों को क्लास-वन नौकरी देने की मांग उठाई। वहीं, भारतीय महिला कबड्डी टीम की कप्तान पुष्पा राणा और रितु नेगी ने सम्मान राशि में वृद्धि के लिए आभार जताते हुए कहा कि अन्य राज्यों की तर्ज पर हिमाचल के पदक विजेता खिलाड़ियों को भी अच्छी नौकरियां मिलनी चाहिए ताकि उन्हें पलायन न करना पड़े। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक जीतने की ईनाम राशि अभी पैंडिंग है, जिसे लेकर वे जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगी।

सीमित संसाधनों के बावजूद खिलाड़ियों को दी हरसंभव मदद : यादविंद्र गोमा
युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंद्र गोमा ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का मुख्य प्रयास खेलों के लिए एक सशक्त तंत्र विकसित करना है। उन्होंने कहा कि हिमाचल भले ही छोटा राज्य है, लेकिन यहां के खिलाड़ियों के सपने बड़े हैं। खेल विभाग प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें उचित मंच प्रदान करने के लिए विशेष प्रयास कर रहा है तथा सीमित संसाधनों के बावजूद प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है।

पैरा एथलीट के लिए मंच से उतरे मुख्यमंत्री
पीटरहॉफ में आयोजित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान एक भावुक क्षण भी देखने को मिला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रोटोकॉल दरकिनार करते हुए पैरा खिलाड़ी अंजली को सम्मानित करने के लिए स्वयं मंच से नीचे उतरे। उन्होंने अंजली को सम्मानित किया और उनसे आत्मीय बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया।
एंटी-चिट्टा अभियान के लिए आईजी विमल गुप्ता सम्मानित
नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लेकर पुलिस विभाग की भी सराहना की गई। मुख्यमंत्री ने शनिवार को एंटी-चिट्टा अभियान में उत्कृष्ट योगदान और दूरदर्शी नेतृत्व के लिए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी.) विमल गुप्ता को विशेष रूप से सम्मानित किया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए आईजी. विमल गुप्ता और पूरी पुलिस टीम को इस अभियान को राज्यव्यापी जन-आंदोलन बनाने के लिए बधाई दी।
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