Himachal: जब CM सुक्खू ने करवाया अपना टैस्ट...रिपोर्ट देखकर रह गए हैरान, अस्पतालों की मशीनों पर उठाए सवाल

Edited By Vijay, Updated: 29 Oct, 2026 07:28 PM

cm sukhvinder singh sukhu

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी अस्पतालों में इस्तेमाल हो रहे मेडिकल परीक्षण उपकरणों की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

शिमला (संतोष): हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी अस्पतालों में इस्तेमाल हो रहे मेडिकल परीक्षण उपकरणों की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। शिमला में स्वास्थ्य विभाग के साथ आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने इन मशीनों में आ रही तकनीकी खामियों का मुद्दा उठाया और पूरे स्वास्थ्य तंत्र में व्यापक सुधार लाने की बात कही है।

मुख्यमंत्री ने सांझा किया अपना अनुभव
बैठक के दौरान स्वास्थ्य तंत्र की खामियों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपना एक निजी अनुभव अधिकारियों के साथ सांझा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी स्वास्थ्य जांच (जैसे ब्लड टैस्ट आदि) अलग-अलग उपकरणों पर करवाई थी। जांच के बाद यह देखकर वह हैरान रह गए कि अलग-अलग उपकरणों से प्राप्त रिपोर्ट में काफी भिन्नता थी। इसी बात को आधार बनाते हुए उन्होंने प्रदेश भर की टैस्टिंग मशीनों की सटीकता पर सवाल खड़े किए।

गलत रिपोर्ट से मरीज की जान के साथ हो सकता है खिलवाड़
मुख्यमंत्री ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि मेडिकल उपकरणों की रिपोर्ट में इस तरह का अंतर आएगा, तो इससे डॉक्टरों को सही बीमारी का पता लगाने और उपचार तय करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर अस्पतालों की मशीनें गलत रिपोर्ट देंगी और डॉक्टर उसी रिपोर्ट के आधार पर मरीज को दवा लिखेंगे, तो यह सीधे तौर पर मरीज की सेहत और जान के साथ खिलवाड़ है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

पीएचसी और सीएचसी स्तर पर भी सुधार की जरूरत
सीएम सुक्खू ने कहा कि यह समस्या केवल मेडिकल कॉलेजों या बड़े अस्पतालों तक सीमित नहीं है। यदि ग्रामीण स्तर पर मौजूद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी मशीनें खराब हैं या त्रुटिपूर्ण रिपोर्ट दे रही हैं, तो यह सरकार और स्वास्थ्य विभाग की बहुत बड़ी विफलता है। निचले स्तर पर भी उपकरणों की सटीकता सुनिश्चित करना अनिवार्य है।

नियमित मॉनिटरिंग और पारदर्शी व्यवस्था पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य इस मुद्दे पर किसी पर दोष मढ़ना नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य तंत्र और आधुनिक तकनीक को पूरी तरह पारदर्शी और सटीक बनाना है। सरकार का मुख्य लक्ष्य प्रदेश के आम नागरिकों को बेहतरीन और सुरक्षित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। सरकार के इस सख्त रुख से यह स्पष्ट हो गया है कि आने वाले समय में प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे की गुणवत्ता सुधारने और मेडिकल उपकरणों के रखरखाव  की नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!