Edited By Swati Sharma, Updated: 12 Oct, 2026 10:48 AM

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को कहा कि लोकतंत्र में न्याय केवल अदालती आदेशों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसमें निष्पक्षता, विवेक और परिस्थितियों की उचित समझ भी शामिल होनी चाहिए।
Shimla News : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को कहा कि लोकतंत्र में न्याय केवल अदालती आदेशों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसमें निष्पक्षता, विवेक और परिस्थितियों की उचित समझ भी शामिल होनी चाहिए।
'कानून का वास्तविक महत्व...'
हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू), शिमला के तीसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए सुक्खू ने कहा कि कानून का वास्तविक महत्व यह सुनिश्चित करने में है कि समाज के सबसे कमजोर वर्गों को भी न्याय मिलने की उम्मीद हो, उनकी आवाज सुनी जाए और प्रत्येक नागरिक अपने अधिकारों की सुरक्षा को लेकर आश्वस्त महसूस करे। आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने स्नातक विद्यार्थियों को दृढ़ता और निरंतर प्रयास के साथ भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि सफलता का आकलन केवल पेशेवर उपलब्धियों से नहीं, बल्कि समाज के प्रति व्यक्ति के योगदान से भी किया जाता है।
'सरकार न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध'
अपने शैक्षणिक जीवन का जिक्र करते हुए सुक्खू ने कहा कि उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री प्राप्त की थी। सुक्खू ने कहा कि उनकी प्राथमिक रुचि हमेशा राजनीति में रही, हालांकि कानूनी शिक्षा उनके राजनीतिक करियर में लाभदायक साबित हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आम लोगों को समय पर न्याय सुनिश्चित करने के लिए न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें