Edited By Kuldeep, Updated: 09 Sep, 2026 08:03 PM

मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक डिग्री हासिल करना जीवन की मंजिल नहीं, बल्कि एक नई जिम्मेदारी की शुरूआत है।
बीबीएन (ठाकुर): मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक डिग्री हासिल करना जीवन की मंजिल नहीं, बल्कि एक नई जिम्मेदारी की शुरूआत है। युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि अवसर और समाधान पैदा करने वाला बनना होगा। यह आह्वान राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने बुधवार को बीबीएन स्थित निजी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में किया। राज्यपाल ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए 402 स्नातक विद्यार्थियों, पदक विजेताओं, उनके अभिभावकों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय परिवार को बधाई दी। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक भी प्रदान किए।
राज्यपाल ने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना या रोजगार प्राप्त करना नहीं होना चाहिए। शिक्षा में ज्ञान, कौशल, अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता और चरित्र निर्माण को समान महत्व दिया जाना आवश्यक है। राज्यपाल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल तकनीक और वैज्ञानिक नवाचार तेजी से दुनिया में रोजगार और कार्य की प्रकृति बदल रहे हैं। ऐसे समय में तकनीकी दक्षता के साथ-साथ गंभीर चिंतन, रचनात्मकता, संवेदनशीलता, सहानुभूति और नैतिक मूल्यों का महत्व भी बना रहेगा। समारोह में विधायक राम कुमार चौधरी, डीसी मनमोहन शर्मा, एसपी विनोद धीमान सहित अन्य उपस्थित रहे।