Bilaspur: माता बगलामुखी मंदिर से निकली प्राथमिक शिक्षा बचाओ न्याय यात्रा

Edited By Kuldeep, Updated: 11 Jul, 2026 05:44 PM

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हिमाचल प्रदेश राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से घोषित ‘प्राथमिक शिक्षा बचाओ न्याय यात्रा’ का शुभारंभ शनिवार को जिला कांगड़ा के बनखंडी स्थित प्रसिद्ध माता बगलामुखी मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुआ।

बनखंडी (राजीव): हिमाचल प्रदेश राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से घोषित ‘प्राथमिक शिक्षा बचाओ न्याय यात्रा’ का शुभारंभ शनिवार को जिला कांगड़ा के बनखंडी स्थित प्रसिद्ध माता बगलामुखी मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुआ। प्रदेशाध्यक्ष रमेश शर्मा के नेतृत्व में शुरू हुई यह पैदल यात्रा प्राथमिक शिक्षा और शिक्षकों से जुड़ीं 25 सूत्रीय मांगों को लेकर 25 जुलाई को शिमला पहुंचेगी। उसके अगले दिन 26 जुलाई को चौड़ा मैदान में प्रदेशभर के शिक्षकों की भागीदारी से विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। यात्रा के दौरान शिक्षक हाथों में विभिन्न मांगों और प्राथमिक शिक्षा के संरक्षण से संबंधित तख्तियां लेकर चले। इन पर "प्राथमिक शिक्षा के वर्तमान ढांचे से छेड़छाड़ बंद करो", "प्राथमिक शिक्षा से बेईमानी बंद करो", "प्राथमिक शिक्षकों के हक वापस करो" और "जोर-जुल्म की टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है" जैसे नारे लिखे हुए थे। शिक्षकों ने इन नारों के माध्यम से प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाए रखने और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।

 प्रदेशाध्यक्ष रमेश शर्मा ने कहा कि यह न्याय यात्रा प्राथमिक शिक्षा के अस्तित्व, गुणवत्ता और शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान के लिए सरकार से कई बार आग्रह किया गया, लेकिन सकारात्मक परिणाम नहीं मिलने पर शिक्षक संघ को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने बताया कि संघ के विशेष राज्य अधिवेशन में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों तक संघर्ष जारी रखने का निर्णय लिया गया था और यह यात्रा उसी आंदोलन का पहला चरण है। उन्होंने बताया कि शिक्षक संघ की प्रमुख मांगों में न्यू कॉम्पलैक्स सिस्टम का विरोध, प्राथमिक शिक्षकों के 5,000 से अधिक रिक्त पदों को भरना, 3,000 से अधिक एकल शिक्षक विद्यालयों की समस्या का समाधान, प्राथमिक विद्यालयों की अलग पहचान बनाए रखना, यू-डाइस कोड से जुड़े निर्णयों पर पुनर्विचार, स्कूल प्रबंधन समितियों से जुड़े मुद्दों का समाधान, प्राथमिक स्तर की खेलकूद प्रतियोगिताओं का नियमित आयोजन तथा पदोन्नति संबंधी लंबित मामलों का निपटारा शामिल है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 2 वर्षों से प्राथमिक स्तर की खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित नहीं करवाई गई हैं। रमेश शर्मा ने कहा कि 11 जुलाई से प्रदेश के सभी प्राथमिक शिक्षक वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों तक अपने विद्यालयों में काली पट्टी या काला बिल्ला लगाकर शिक्षण कार्य करेंगे, जो उनके शांतिपूर्ण विरोध का प्रतीक होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि 7 जुलाई तक सरकार को वार्ता के लिए समय दिया गया था, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसलिए न्याय यात्रा पूरी होने तक सरकार के साथ कोई वार्ता नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक संघ महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह के मार्ग पर चलते हुए लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेगा। यह न्याय यात्रा बनखंडी से देहरा, ज्वालाजी, नादौन, हमीरपुर, भोटा, उखली, घुमारवीं, कंदरौर, बिलासपुर और दाड़लाघाट सहित विभिन्न क्षेत्रों से होकर 25 जुलाई को शिमला पहुंचेगी, जहां आंदोलन का अगला चरण शुरू होगा।

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