Chamba News: शादी-जन्म पर अब नहीं चलेगी किन्नरों की मनमानी, पंचायत ने तय की ₹2100 बधाई राशि; ज्यादा मांगे तो होगी पुलिस कार्रवाई

Edited By Vijay, Updated: 16 Jul, 2026 04:11 PM

arbitrariness of transgendes will no longer be allowed at weddings and birth

हिमाचल प्रदेश के भटियात विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत चलामा ने सर्वसम्मति एक प्रस्ताव पारित कर शादी, बच्चे के जन्म और अन्य शुभ अवसरों पर किन्नर समाज को दी जाने वाली बधाई राशि की अधिकतम सीमा 2100 रुपए तय कर दी है।

तुनुहट्टी (संजय): हिमाचल प्रदेश के भटियात विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत चलामा ने सर्वसम्मति एक प्रस्ताव पारित कर शादी, बच्चे के जन्म और अन्य शुभ अवसरों पर किन्नर समाज को दी जाने वाली बधाई राशि की अधिकतम सीमा 2100 रुपए तय कर दी है। पंचायत ने यह कदम ग्रामीणों की उस शिकायत के बाद उठाया है, जिसमें मनमानी बधाई राशि के दबाव के कारण गरीब परिवारों को हो रही आर्थिक परेशानी का मुद्दा उठाया गया था।

जानकारी के अनुसार पंचायत प्रधान सीमा रानी की अध्यक्षता में ग्राम सभा की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में कोरम पूरा होने के बाद सबसे पहले पंचायत के विभिन्न विकास कार्यों के प्रस्तावों पर चर्चा की गई और कई कार्यों को स्वीकृति के लिए सैल्फ में डाला गया। इसी दौरान ग्रामीणों ने एक गंभीर सामाजिक समस्या को सबके सामने रखा। लोगों ने बताया कि विवाह समारोहों या नवजात शिशु के जन्म के अवसर पर किन्नर समाज द्वारा घर-घर जाकर बधाई के नाम पर मुंहमांगी राशि की मांग की जाती है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर भी मोटी रकम देने का अनुचित दबाव बनाया जाता है, जिससे गरीब परिवारों पर बेवजह आर्थिक बोझ पड़ता है और खुशी का माहौल तनाव में बदल जाता है। मामले की गंभीरता और आम जनता की परेशानी को समझते हुए ग्राम सभा ने सर्वसम्मति से एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया। नए नियम के अनुसार अब ग्राम पंचायत चलामा के अधिकार क्षेत्र में होने वाले किसी भी शुभ अवसर पर किन्नर समाज को स्वेच्छा से दी जाने वाली बधाई राशि की अधिकतम सीमा 2100 रुपए निर्धारित कर दी गई है।

ग्राम सभा ने सख्ती के साथ यह भी स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी परिवार पर इस तय सीमा से अधिक राशि देने के लिए दबाव बनाना या इस बात को लेकर घर पर अनावश्यक विवाद करना अब स्वीकार्य नहीं होगा। यदि किसी परिवार के साथ भविष्य में इस प्रकार की जबरदस्ती, अनुचित मांग या विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है, तो वह परिवार बेझिझक इसकी सूचना ग्राम पंचायत, स्थानीय प्रशासन या पुलिस को दे सकता है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पंचायत प्रतिनिधियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि ग्राम सभा का यह निर्णय किन्नर समाज या किसी भी वर्ग विशेष के खिलाफ नहीं है। इसका एकमात्र उद्देश्य उन गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के हितों की रक्षा करना है, जो कर्ज लेकर या मजबूरी में भारी-भरकम बधाई राशि देने को विवश होते थे। इस फैसले से इलाके में सामाजिक सौहार्द बना रहेगा।

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