Edited By Swati Sharma, Updated: 02 Apr, 2026 01:20 PM

Himachal Panchayat Election : हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को पंचायत चुनावों के मुद्दे पर भारी हंगामा हुआ। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पंचायत चुनाव मई के अंत तक करा लिए जाएंगे।
Himachal Panchayat Election : हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को पंचायत चुनावों के मुद्दे पर भारी हंगामा हुआ। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पंचायत चुनाव मई के अंत तक करा लिए जाएंगे।
विपक्ष का आरोप: "चुनाव टालने की साजिश"
दरअसल, भाजपा विधायकों ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश सरकार की उस हालिया अधिसूचना के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया, जिसमें जिला आयुक्तों को पांच प्रतिशत तक पंचायतों के लिए आरक्षण सूची में बदलाव करने का अधिकार दिया गया है। विधायकों ने इसे स्थानीय निकाय चुनाव टालने का प्रयास करार दिया और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने जिला आयुक्तों को आरक्षण सूची में पांच प्रतिशत तक समायोजन करने का अधिकार देने वाली अधिसूचना जारी की है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार स्थानीय निकाय चुनाव में देरी करने के लिए विभिन्न हथकंडे अपना रही है तथा मुख्यमंत्री अपने रुख पर अड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि चुनावों के लिए आवश्यक आरक्षण 'रोस्टर' में जानबूझकर देरी की जा रही है और आरोप लगाया कि सरकार नोटिफिकेशन जारी करके नियमों में पिछली तारीख से बदलाव करने की कोशिश कर रही है। इस कदम को ''अनुचित'' करार देते हुए ठाकुर ने दावा किया कि इस फैसले से चुनावी प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार अपने "खास मित्रों" को प्रधान बनाने के लिए नियमों को तार-तार कर रही है?
सरकार का पक्ष: "आरक्षण में न्याय के लिए जरूरी बदलाव"
मुख्यमंत्री सुक्खू और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने सरकार के फैसले का बचाव करते हुए इसे 'व्यवस्था परिवर्तन' करार दिया। सीएम ने तर्क दिया कि कई पंचायतें वर्षों से एक ही वर्ग के लिए आरक्षित चल रही हैं। इस असंतुलन को दूर करने और एससी, एसटी व ओबीसी वर्गों को सही प्रतिनिधित्व देने के लिए जिलाधीशों को यह अधिकार दिया गया है। सरकार ने तय किया है कि आरक्षण में पहले एससी, फिर एसटी और अंत में ओबीसी के लिए सीटें आरक्षित होंगी ताकि जनसंख्या के आधार पर न्याय हो सके।
मई में चुनाव की तैयारी
मुख्यमंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन होगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई कानूनी अड़चन भी आई, तो भी मई के अंत तक चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से अपील की कि वे अनावश्यक विरोध के बजाय लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सहयोग करें।
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