Edited By Kuldeep, Updated: 11 Apr, 2026 05:51 PM

भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राकेश जम्वाल ने सुक्खू सरकार और उसके मंत्रियों को घेरते हुए कहा कि अब जब सरकार के साढ़े तीन साल बीत चुके हैं, तब मंत्री जनता के द्वार जाकर कार्यक्रम करने का दिखावा कर रहे हैं।
सुंदरनगर (सोनी/सोढी): भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राकेश जम्वाल ने सुक्खू सरकार और उसके मंत्रियों को घेरते हुए कहा कि अब जब सरकार के साढ़े तीन साल बीत चुके हैं, तब मंत्री जनता के द्वार जाकर कार्यक्रम करने का दिखावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निहरी (सुंदरनगर) में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह का कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि सरकार अब जनता के गुस्से से घबराकर दिखावटी संवाद कर रही है। जिस सरकार में अपने ही कैबिनेट मंत्रियों की सुनवाई नहीं हो रही, जहां उनकी फाइलें महीनों लटकी रहती हैं, वह सरकार जनता की समस्याओं का समाधान क्या करेगी।
राकेश जम्वाल ने कहा कि खुद कांग्रेस के बड़े नेता स्वीकार कर चुके हैं कि 3-3 महीने तक फाइलें अटकी रहती हैं। ऐसे में यह सरकार विकास की बात करने का नैतिक अधिकार खो चुकी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हिमाचल में विकास तो मानो रूठ ही गया है, लेकिन मुख्यमंत्री सुक्खू को सिर्फ अपने मित्रों के विकास की चिंता है। हर जनसभा में बड़े-बड़े शब्दों—आत्मनिर्भरता, समृद्धि और व्यवस्था परिवर्तन—का ढोल पीटा जाता है, जबकि जमीनी सच्चाई यह है कि प्रदेश आर्थिक बदहाली और अव्यवस्था से जूझ रहा है।
उन्होंने कहा कि नेता बयानबाजी से नहीं, काम से बड़ा बनता है। विक्रमादित्य सिंह बड़े नेताओं पर टिप्पणी करके खुद को बड़ा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जनता सब देख रही है। उन्होंने कहा कि अगर वास्तव में अपनी पहचान बनानी है तो पहले अपने विभाग का हिसाब दें—प्रदेश में सड़कों की क्या हालत है, कितने प्रोजैक्ट समय पर पूरे हुए और कितनी घोषणाएं केवल कागजों में ही सीमित रह गईं।
लोक निर्माण मंत्री पर सीधा निशाना साधते हुए राकेश जम्वाल ने कहा कि वह पहले अपने विभाग का हिसाब दें, आज तक कितनी सड़कों की हालत सुधारी गई? अगर केंद्र सरकार का सहयोग और बजट न मिले तो प्रदेश की सड़कें पूरी तरह बदहाल हो जाएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री सोशल मीडिया और फेसबुक पर केवल अपनी झूठी उपलब्धियां गिनाने में व्यस्त हैं, जबकि जमीनी सच्चाई कुछ और ही है।