बादलों के पार शिव का दरबार! 18 हजार फुट पर देनी होगी आस्था की सबसे कठिन परीक्षा...जानें कब शुरू हो रही 'श्रीखंड महादेव' की पवित्र यात्रा

Edited By Vijay, Updated: 17 Jun, 2026 02:20 PM

shrikhand mahadev yatra

गवान भोलेनाथ के भक्तों के लिए आस्था और कठिन तपस्या की घड़ी एक बार फिर नजदीक आ गई है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में समुद्र तल से करीब 18 हजार फुट की ऊंचाई पर विराजमान श्रीखंड महादेव के दर्शनों के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है।

Shrikhand Mahadev Yatra: भगवान भोलेनाथ के भक्तों के लिए आस्था और कठिन तपस्या की घड़ी एक बार फिर नजदीक आ गई है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में समुद्र तल से करीब 18 हजार फुट की ऊंचाई पर विराजमान श्रीखंड महादेव के दर्शनों के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। हर साल हजारों शिव भक्त जान जोखिम में डालकर इस दुर्गम यात्रा का हिस्सा बनते हैं। इस साल यह पवित्र यात्रा 10 जुलाई से शुरू होकर 23 जुलाई तक चलेगी।

निरमंड में हुई अहम बैठक, जल्द खुलेगा पोर्टल
कुल्लू जिले के आनी विधानसभा क्षेत्र के निरमंड में श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट की एक अहम बैठक आयोजित की गई। ट्रस्ट के अध्यक्ष और कुल्लू के उपायुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रैंसिंग के जरिए बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने सभी विभागों को यात्रा शुरू होने से पहले तैयारियां मुकम्मल करने के सख्त निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से जल्द ही श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल खोल दिया जाएगा, ताकि यात्रा को व्यवस्थित रखा जा सके।

सुरक्षा रहेगी चाक-चौबंद, हर पड़ाव पर मिलेगा पानी
श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट के उपाध्यक्ष और निरमंड के एसडीएम डॉ. जगदीप सिंह कंवर ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसके लिए मेडिकल टीम, राजस्व विभाग, पुलिस, वन विभाग और रेस्क्यू (बचाव) दलों की चप्पे-चप्पे पर तैनाती की जाएगी। जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा के सभी पड़ावों पर पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो। इसके अलावा, पिछले साल मानसून की भारी बारिश में टूटे रास्तों की मुरम्मत का जिम्मा खंड विकास कार्यालय और वन विभाग को सौंपा गया है।

6 सैक्टरों में बंटा यात्रा मार्ग, बनेंगे 5 बेस कैंप
कठिन चढ़ाई और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पूरे यात्रा मार्ग को 6 सैक्टरों में विभाजित किया गया है। बागीपुल और जाओं के बीच सैक्टर मैजिस्ट्रेट कैंप स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा रास्ते में 5 प्रमुख बेस कैंप सिंहगाड़, थाचडू, कुनशा, भीम डवारी और पार्वती बाग बनाए जाएंगे, जहां श्रद्धालुओं के लिए रुकने और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।

माता चलाशनी के दर्शनों से शुरू होगी यात्रा
सदियों पुरानी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रीखंड यात्रा पर रवाना होने से पहले शिव भक्त जाओं स्थित क्षेत्र की अधिष्ठात्री देवी माता चलाशनी के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लेते हैं। प्रशासन इस प्राचीन परंपरा को पुनर्जीवित करने और नए श्रद्धालुओं को इसकी जानकारी देने के लिए जगह-जगह साइन बोर्ड और सूचना पट्ट लगाएगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य और हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन के चेयरमैन बुद्धि सिंह ठाकुर, ट्रस्ट के सदस्य गोविंद प्रसाद शर्मा सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।

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