Edited By Kuldeep, Updated: 15 Apr, 2026 07:16 PM

हिमाचल में मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। एक ओर जहां मैदानी इलाकों में सूरज की तपिश बढ़ने से तापमान में उछाल आया है, वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने 17 अप्रैल से भारी आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।
शिमला (ब्यूरो): हिमाचल में मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। एक ओर जहां मैदानी इलाकों में सूरज की तपिश बढ़ने से तापमान में उछाल आया है, वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने 17 अप्रैल से भारी आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। पिछले कुछ दिनों से खिली धूप के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का अहसास होने लगा है। ऊना में अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सैल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जबकि राजधानी शिमला में अधिकतम तापमान 24 डिग्री दर्ज किया गया है। ताज्जुब की बात यह है कि शिमला और मनाली जैसे हिल स्टेशनों में भी रातें गर्म हो गई हैं। मनाली का न्यूनतम तापमान सामान्य से 6 डिग्री अधिक दर्ज किया गया है। बुधवार को औसतन न्यूनतम तापमान में 1.1 डिग्री की बढ़ौतरी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते शुक्रवार को कई भागों में 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलने और ओलावृष्टि की आशंका जताते हुए ऑरैंज अलर्ट जारी किया गया है। 18 व 19 अप्रैल को यैलो अलर्ट रहेगा। इन दिनों आंधी और बिजली कड़कने के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा। उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी की भी संभावना है। इस बेमौसमी बारिश और ओले से किसानों व बागवानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यह समय सेब और मटर की फसल के लिए बेहद संवेदनशील है।
मणिकर्ण-बरशैणी मार्ग भूस्खलन से बंद, पर्यटक फंसे
मौसम के बदलते मिजाज के बीच कुल्लू जिला के मणिकर्ण-बरशैणी मार्ग पर घटीगढ़ के पास भारी भूस्खलन हुआ है। पहाड़ से भारी मलबा गिरने के कारण तोष, बरशैणी और कालगा जैसे पर्यटन स्थलों में दर्जनों पर्यटक वाहन फंस गए हैं। बस सेवा भी पूरी तरह ठप्प है। राहत की बात यह रही कि मलबे की चपेट में आई एक जे.सी.बी. का ऑप्रेटर सुरक्षित है। स्थानीय प्रशासन मार्ग बहाल करने की कोशिशों में जुटा है।