Shimla: तोल कर भेजा जाएगा राशन, डिपुओं तक पहुंचने वाली हर बोरी का होगा तोल

Edited By Kuldeep, Updated: 17 Jun, 2026 05:50 PM

shimla ration depot

प्रदेश भर में खाद्य आपूर्ति निगम के गोदामों से डिपुओं तक पहुंचने वाले राशन के तोल में कमी को लेकर खाद्य आपूर्ति विभाग सतर्क हुआ है।

शिमला (राजेश): प्रदेश भर में खाद्य आपूर्ति निगम के गोदामों से डिपुओं तक पहुंचने वाले राशन के तोल में कमी को लेकर खाद्य आपूर्ति विभाग सतर्क हुआ है। वहीं अब डिपुओं में गोदामों से तोल कर राशन भेजा जाएगा। ऐसे में गोदामों से डिपुओं तक जाने वाली हर एक बोरी का तोल होगा। डिपो संचालकों की ओर से यह मुद्दा उठाया जा रहा है कि आटा, चावल और चीनी के कई कट्टों का वजन निर्धारित मात्रा से कम पाया जा रहा है, जिससे डिपो धारकों के हित प्रभावित होने के साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को रिमाइंडर जारी किया है।

जिसमें होलसेल गोदामों से डिपुओं के लिए भेजे जाने वाले आटा, चावल और चीनी के सभी कट्टों को पहले तोल कर भेजने के निर्देश दिए गए है। खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग में निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार देख रहीं रीमा कश्यप का कहना है कि निगम प्रबंधन को गोदामों से राशन को वजन करके भेजने का रिमाइंडर भेजा गया है। ताकि राशन वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और लाभार्थियों तक निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न पहुंचाना सुनिश्चित हो सके।

गोदामों से पहले ही हैं राशन तोलने के निर्देश
विभागीय नियमों में पहले से ही राशन को तोल कर भेजने और प्राप्त करने का प्रावधान मौजूद है लेकिन हाल के महीनों में सामने आई शिकायतों ने यह संकेत दिया है कि नियमों का पूरी तरह पालन नहीं हो रहा था। ऐसे में विभाग ने पुराने प्रावधानों का हवाला देते हुए सिविल सप्लाई काॅर्पोरेशन को दोबारा से इस प्रक्रिया को सख्ती से लागू करने को कहा है। इसके साथ ही डिपो संचालकों से भी अपील की गई है कि वे राशन प्राप्त करते समय कट्टे का वजन जांचें ताकि किसी भी प्रकार की कमी तत्काल सामने आ सके और उसकी जिम्मेदारी तय की जा सके।

डिपो संचालक भी तोलकर लें राशन
विभाग ने डिपो संचालकों से भी राशन प्राप्त करते समय हर कट्टे का वजन जांचने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि डिपो स्तर पर ही वजन की पुष्टि कर ली जाए तो भविष्य में किसी भी तरह के विवाद की संभावना कम हो जाएगी। इससे लाभार्थियों तक सही मात्रा में राशन पहुंचाने में मदद मिलेगी। वहीं खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग का कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। राशन की कम तोल संबंधी शिकायतों पर अंकुश लगाने और लाभार्थियों को उनका पूरा हक दिलाने के लिए यह कदम उठाया गया है।

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