Edited By Kuldeep, Updated: 04 Apr, 2026 06:15 PM

अगर आप भी हिमाचल की वादियों में घूमने का प्लान बना रहे हैं तो रफ्तार का मोह छोड़ें और सुरक्षित ड्राइविंग को प्राथमिकता दें। याद रखें, घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है।
शिमला (संतोष कुमार): अगर आप भी हिमाचल की वादियों में घूमने का प्लान बना रहे हैं तो रफ्तार का मोह छोड़ें और सुरक्षित ड्राइविंग को प्राथमिकता दें। याद रखें, घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है। देवभूमि हिमाचल की वादियों में सफर का आनंद लेने वालों के लिए हिमाचल पुलिस ने एक कड़ा और स्पष्ट संदेश जारी किया है। हाल के दिनों में बढ़ते सड़क हादसों और ओवरस्पीडिंग की घटनाओं को देखते हुए पुलिस विभाग ने सोशल मीडिया के माध्यम से वाहन चालकों को आगाह किया है कि पहाड़ों की सड़कें रेस ट्रैक नहीं होतीं।
हिमाचल पुलिस ने अपने आधिकारिक संदेश में दो टूक कहा है कि पहाड़ी रास्तों पर मोड़ खतरनाक और अप्रत्याशित होते हैं। यहां अगर आप गाड़ी की रफ्तार पर नियंत्रण खोते हैं तो वह आपको मंजिल की जगह सीधा अस्पताल पहुंचा सकती है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य पर्यटन के नाम पर हो रही रैश ड्राइविंग पर लगाम लगाना है।
पुलिस की अपील : संभल कर चलें
सड़कों का सम्मान करें : पहाड़ी रास्ते मैदानी इलाकों की तरह सीधे नहीं होते, यहां हर मोड़ पर सावधानी जरूरी है।
ओवरस्पीडिंग पर वार : निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करने वालों पर पुलिस की पैनी नजर है।
सतर्कता ही बचाव : स्टे अलर्ट के मंत्र के साथ वाहन चलाने की सलाह दी गई है, ताकि मोड़ पर सामने से आने वाले वाहनों से बचा जा सके।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ संदेश
पुलिस का यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। स्थानीय लोग और पर्यटक इसे पुलिस की एक अच्छी पहल बता रहे हैं। रोड सेफ्टी और ड्राइव सेफ जैसे हैशटैग के साथ इस मुहिम को आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि हिमाचल की सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके।
ज्यादा तेज भागोगे... सीधा अस्पताल पहुंचोगे। संभल के चलो : डीजीपी
डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा कि पहाड़ों की सड़कों पर संभल कर ड्राइव करना जरूरी है। ज्यादा तेज भागने से हादसे ही होते हैं, क्योंकि पहाड़ों की सड़कों पर ड्राइव करने के लिए स्पीड लिमिट निर्धारित होती है और ओवरस्पीड हमेशा ही जानलेवा हुई है। इसलिए वाहन चालक यातायात नियमों का अनुसरण करें, ताकि हादसे घटित न हों।