Edited By Kuldeep, Updated: 09 Apr, 2026 09:55 PM

प्रदेश हाईकोर्ट ने जेओए (आईटी) पेपर लीक मामले में निलंबित उमा आजाद के खिलाफ चल रही विभागीय कार्रवाई को 30 अगस्त, 2026 तक पूरा करने का प्रयास करने के आदेश दिए हैं।
शिमला (मनोहर): प्रदेश हाईकोर्ट ने जेओए (आईटी) पेपर लीक मामले में निलंबित उमा आजाद के खिलाफ चल रही विभागीय कार्रवाई को 30 अगस्त, 2026 तक पूरा करने का प्रयास करने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने उमा आजाद द्वारा दायर याचिका का निपटारा करते हुए राज्य चयन आयोग को आदेश दिए कि वह उमा आजाद के विरुद्ध जांच कार्रवाई 31.08.2026 को या उससे पहले पूरी करने का प्रयास करे।
यदि ऐसा नहीं होता है तो प्रार्थी हाईकोर्ट में अपने निलंबन के खिलाफ पुनः याचिका दायर करने के लिए स्वतंत्र होगी, जबकि चयन आयोग भी कोर्ट से अपरिहार्य कारणों से कार्रवाई पूरी न होने पर अतिरिक्त समय की मांग कर सकता है। प्रार्थी ने अपने निलंबन के विवादित आदेश को सभी परिणामी लाभों सहित निरस्त करने की मांग की थी। प्रार्थी का कहना था कि उसका निलंबन मनमाना, अवैध, अनुचित, भेदभावपूर्ण और कानून के अनुरूप नहीं है। अतः विभागीय कार्रवाई लंबित रहते उसे अनंत काल के लिए निलंबित नहीं रखा जा सकता।