चारधाम यात्रा : हैलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर बुना जा रहा ठगी का जाल

Edited By Kuldeep, Updated: 06 May, 2026 06:36 PM

shimla chardham yatra fraud trap

देश भर में चारधाम यात्रा के नाम पर हैलीकॉप्टर बुकिंग, होटल और टूर पैकेज के नाम पर साइबर धोखाधड़ी के लगातार मामले सामने आ रहे हैं।

शिमला (राक्टा): देश भर में चारधाम यात्रा के नाम पर हैलीकॉप्टर बुकिंग, होटल और टूर पैकेज के नाम पर साइबर धोखाधड़ी के लगातार मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में प्रदेश पुलिस विभाग विभिन्न माध्यमों से लोगों को सचेत कर रहा है। पुलिस के अनुसार चारधाम यात्रा के नाम फर्जी वैबसाइट्स और नकली व्हाट्सएप नंबरों के जरिए साइबर अपराधी लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। देखा गया है कि कई श्रद्धालु अधिकृत बुकिंग प्लेटफॉर्म की सही जानकारी न होने के कारण गूगल जैसे सर्च इंजन पर निर्भर रहते हैं। इसी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी असली जैसी दिखने वाली फर्जी वैबसाइट्स और लिंक तैयार कर देते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति इन साइट्स पर जाकर हैलीकॉप्टर बुकिंग या यात्रा पंजीकरण के लिए भुगतान करता है तो उसके पैसे सीधे ठगों के खाते में चले जाते हैं। साइबर ठगी का एक और तरीका नकली व्हाट्सएप नंबरों के माध्यम से अपनाया जा रहा है। ठग खुद को अधिकृत एजैंट या ट्रैवल ऑप्रेटर बताकर लोगों से संपर्क करते हैं और सीमित सीट, जल्दी बुकिंग या विशेष छूट का लालच देते हैं।

कई बार लोगों पर जल्द भुगतान करने का दबाव बनाया जाता है, जिससे वे बिना सत्यापन के पैसे ट्रांसफर कर देते हैं। भुगतान के बाद ठग नंबर बंद कर देते हैं और पीड़ित के पास कोई विकल्प नहीं बचता। ऐसे में प्रदेश पुलिस ने इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेते हुए यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस विभाग के अनुसार चारधाम यात्रा के लिए हैलीकॉप्टर बुकिंग और पंजीकरण केवल आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही किया जाना चाहिए। इसके अलावा, बुकिंग से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए केवल अधिकृत व्हाट्सएप नंबर का ही उपयोग करें और किसी भी अनजान नंबर पर भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति इस तरह की साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो उसे तुरंत साइबर क्राइम हैल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करवानी चाहिए या नजदीकी पुलिस स्टेशन में सूचना देनी चाहिए। समय रहते कार्रवाई करने से नुक्सान को कम किया जा सकता है।

अनजान लिंक से बुकिंग न करें
गूगल या सोशल मीडिया के जरिए मिले अनजान लिंक से बुकिंग न करें और केवल विश्वसनीय स्त्रोतों का ही इस्तेमाल करें। किसी भी संदिग्ध भुगतान अनुरोध को तुरंत नजरअंदाज करें और आवश्यक होने पर संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें।

साइबर ठगी से बचने के लिए कुछ बुनियादी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है। सबसे पहले किसी भी वैबसाइट या लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी प्रमाणिकता की जांच करें। यूआरएल को ध्यान से पढ़ें और सुनिश्चित करें कि वह आधिकारिक है। इसके अलावा किसी भी प्रकार के आकर्षक या सस्ते ऑफर से सतर्क रहें, क्योंकि ठग अक्सर इन्हीं का सहारा लेकर लोगों को फंसाते हैं।

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