Solan: RLA वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े में निलंबित क्लर्क के 4 बैंक खाते सीज, मास्टरमाइंड की तलाश में पुलिस की कई राज्यों में दबिश

Edited By Vijay, Updated: 07 Apr, 2026 12:38 PM

rla vehicle registration fraud

सोलन आरएलए में सामने आए बहुचर्चित वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े में पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने मामले में गिरफ्तार निलंबित पंजीकरण क्लर्क जितेंद्र ठाकुर की संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। इसी कड़ी में क्लर्क के 4 बैंक खातों को सीज कर...

सोलन (नरेश पाल): सोलन आरएलए में सामने आए बहुचर्चित वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े में पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने मामले में गिरफ्तार निलंबित पंजीकरण क्लर्क जितेंद्र ठाकुर की संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। इसी कड़ी में क्लर्क के 4 बैंक खातों को सीज कर दिया गया है, हालांकि इन खातों में जमा राशि का खुलासा पुलिस ने अभी नहीं किया है। सोमवार को पुलिस ने क्लर्क जितेंद्र ठाकुर सहित गिरफ्तार किए गए कुल 6 आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस फर्जीवाड़े का मुख्य सरगना गौरव भारद्वाज अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। सोलन पुलिस की टीमें उसे गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली, पंजाब और हरियाणा सहित कई अन्य राज्यों में लगातार दबिश दे रही हैं, लेकिन अभी तक कामयाबी नहीं मिल पाई है।

इसी साल जनवरी माह में सामने आया था फर्जीवाड़ा
यह मामला इसी साल जनवरी माह में सामने आया था। 26 जनवरी को एसडीएम सोलन ने पुलिस में शिकायत दी थी कि यूपी नंबर के 3 ट्रालों को बिना एमवीआई (मोटर वाहन निरीक्षक) की फिजिकल वेरिफिकेशन के फर्जी तरीके से पंजीकृत किया गया और फिर उन्हें झंडूता आरएलए को ट्रांसफर कर दिया गया।जब मामले की गहराई से जांच हुई, तो पता चला कि यह आंकड़ा सिर्फ 3 ट्रालों का नहीं, बल्कि 50 से अधिक वाहनों का है। इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए 29 अक्तूबर, 2025 को वाहन पोर्टल सोलन पर दो फर्जी आईडी बनाई गई थीं। इनमें से एक आईडी क्लर्क के नाम पर और दूसरी एसडीएम के नाम पर थी। 29 अक्तूबर से लेकर जनवरी, 2026 तक इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया। इसमें उन लोगों की भी मदद ली गई, जो आरएलए में वाहनों के रजिस्ट्रेशन का काम लेकर आते थे।

एसआईटी कर रही जांच, अब तक 6 आरोपी गिरफ्तार
एसपी सोलन ने इस गंभीर मामले की जांच के लिए डीएसपी अशोक चौहान की अध्यक्षता में एक एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी ने फर्जी तरीके से पंजीकृत किए गए वाहनों की ट्रांजैक्शन को ब्लॉक कर दिया है। पुलिस ने अब तक इस मामले में जितेन्द्र ठाकुर (निलंबित क्लर्क, आरएलए सोलन), अनिल कुमार (निवासी झंडूता, जिला बिलासपुर), राजकुमार (निवासी जिला ऊना), जितेन्द्र कुमार (निवासी सुंदरनगर, जिला मंडी), नरेश कुमार (निवासी जिला बिलासपुर) और विकास सिंह (निवासी नूरपुर, जिला कांगड़ा) को गिरफ्तार किया है।

जल्द होगी मुख्य सरगना की गिरफ्तारी : एएसपी
मामले की पुष्टि करते हुए एएसपी सोलन राजकुमार चंदेल ने बताया कि आरएलए फर्जीवाड़े में गिरफ्तार सभी 6 आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आरोपी क्लर्क जितेन्द्र ठाकुर के 4 बैंक खाते सीज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस की टीमें लगातार काम कर रही हैं और मुख्य सरगना गौरव भारद्वाज सहित अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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