कांगड़ा के पचरुखी स्टेशन की बदलेगी सूरत: हाईटेक सुविधाओं से होगा लैस

Edited By Jyoti M, Updated: 02 Apr, 2026 01:58 PM

pachrukhi station in kangra to get a makeover

हिमाचल की वादियों में रेल सफर को और भी सुगम बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। कांगड़ा जिले में स्थित पंचरुखी रेलवे स्टेशन अब सिर्फ एक साधारण स्टॉपेज नहीं रहेगा, बल्कि इसे आधुनिक सुविधाओं से चमकाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

हिमाचल डेस्क। हिमाचल की वादियों में रेल सफर को और भी सुगम बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। कांगड़ा जिले में स्थित पंचरुखी रेलवे स्टेशन अब सिर्फ एक साधारण स्टॉपेज नहीं रहेगा, बल्कि इसे आधुनिक सुविधाओं से चमकाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। संसद में एक सवाल का जवाब देते हुए रेल मंत्रालय ने साफ किया है कि इस स्टेशन पर मूलभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ सौंदर्यीकरण के काम को भी मंजूरी मिल चुकी है।

क्या है नया प्लान?

सांसद राजीव भारद्वाज द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पंचरुखी स्टेशन पर यात्रियों की सहूलियत के लिए कई बड़े बदलाव पाइपलाइन में हैं। वर्तमान में यहाँ ऊंचे प्लेटफॉर्म, शेल्टर, प्रतीक्षालय और स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। स्टेशन की चहारदीवारी (फेंसिंग), मुख्य परिसर का विस्तार और यात्रियों के बैठने के लिए बेहतर शेल्टरों का निर्माण जल्द शुरू होगा। स्टेशन की मुख्य बिल्डिंग के नवीनीकरण का काम हाल ही में संपन्न हुआ है, जिससे इसका लुक पहले से काफी बदल गया है।

हिमाचल के चार बड़े स्टेशनों का कायाकल्प

सिर्फ पंचरुखी ही नहीं, बल्कि प्रदेश के चार अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 'स्मार्ट' बनाया जा रहा है। बैजनाथ पपरोला और अंब अंदौरा के पुनर्विकास का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। पालमपुर और शिमला के दोनों ऐतिहासिक स्टेशनों के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस योजना के तहत स्टेशनों को शहर के मुख्य केंद्रों से जोड़ा जाएगा, लिफ्ट और फुटओवर ब्रिज लगाए जाएंगे और 'वन स्टेशन वन प्रोडक्ट' के जरिए स्थानीय हस्तशिल्प को नई पहचान दी जाएगी।

बजट की कोई कमी नहीं

उत्तर रेलवे के लिए केंद्र सरकार ने खजाना खोल दिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए यात्री सुविधाओं हेतु 1,483 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। हैरानी की बात यह है कि रेलवे ने विकास की गति को देखते हुए फरवरी 2026 तक ही 1,547 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च कर दी है, जो निर्धारित बजट से भी ज्यादा है।

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