Edited By Vijay, Updated: 12 Jul, 2026 06:31 PM

हिमाचल प्रदेश के एम्स बिलासपुर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक आधुनिक, सुरक्षित और हाई-टेक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। संस्थान के प्रसूति एवं स्त्री रोग (गयनेकोलॉजी) विभाग में मल्टीपैरा मॉनिटर विद सैंट्रल मॉनिटरिंग...
बिलासपुर (बंशीधर): हिमाचल प्रदेश के एम्स बिलासपुर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक आधुनिक, सुरक्षित और हाई-टेक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। संस्थान के प्रसूति एवं स्त्री रोग (गयनेकोलॉजी) विभाग में मल्टीपैरा मॉनिटर विद सैंट्रल मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित करने की कवायद शुरू कर दी गई है। इस अत्याधुनिक तकनीक के लगने से क्षेत्र की महिलाओं को सुरक्षित और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
लेबर रूम से लेकर वार्ड तक 24 घंटे रियल-टाइम निगरानी
जानकारी के अनुसार, इस प्रणाली के स्थापित होने के बाद लेबर रूम, प्रसूति वार्ड और ऑप्रेशन के बाद वार्ड में भर्ती महिलाओं की 24 घंटे रियल-टाइम मॉनिटरिंग (निगरानी) संभव हो सकेगी। यह एडवांस सिस्टम मरीज की हृदय गति, ब्लड प्रैशर, ऑक्सीजन लेवल, श्वसन दर, ईसीजी और अन्य महत्वपूर्ण जीवनरक्षक संकेतों पर हर पल नजर रखेगा।
तबीयत बिगड़ते ही कंट्रोल रूम में बजेगा अलार्म
इस मशीन की सबसे बड़ी खासियत इसका सैंट्रल मॉनिटरिंग सिस्टम है। इसके माध्यम से वार्ड के सभी बेड्स पर लगे मॉनिटरों का डेटा एक ही मास्टर कंट्रोल स्टेशन (स्क्रीन) पर लाइव दिखाई देगा। यदि किसी गर्भवती महिला या मरीज की स्थिति अचानक बिगड़ती है, तो यह सिस्टम तुरंत अलार्म बजा देगा। इस अलार्म के बजते ही डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ बिना एक भी सैकेंड गंवाए मरीज तक पहुंचकर तुरंत जीवनरक्षक उपचार शुरू कर सकेंगे।
हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी में साबित होगी वरदान
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार यह नई तकनीक हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी (उच्च जोखिम वाले गर्भधारण), जटिल प्रसव (डिलीवरी) और ऑप्रेशन के बाद की केयर में बेहद कारगर साबित होगी। मशीन द्वारा समय रहते मरीज की स्थिति का पता लगने से गंभीर जटिलताओं और खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। एम्स प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि इस आधुनिक मॉनिटरिंग सिस्टम के चालू होने से न केवल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भारी सुधार होगा, बल्कि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति (इमरजैंसी) से निपटने में अस्पताल की क्षमता पहले से कहीं अधिक मजबूत हो जाएगी।
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