Edited By Kuldeep, Updated: 09 Jun, 2026 07:28 PM

मनाली के समीप अत्यधिक ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्र देव टिब्बा में एक बड़ा पैराग्लाइडिंग हादसा सामने आया है। यहां क्रॉस-कंट्री उड़ान के दौरान एक ब्रिटिश नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गया।
मनाली: मनाली के समीप अत्यधिक ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्र देव टिब्बा में एक बड़ा पैराग्लाइडिंग हादसा सामने आया है। यहां क्रॉस-कंट्री उड़ान के दौरान एक ब्रिटिश नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल पैराग्लाइडर की पहचान यूनाइटेड किंगडम (यूके) के जॉर्ज रिचमंड के रूप में हुई है। वह कांगड़ा जिले के पैराग्लाइडिंग साइट बीड़-बिलिंग से देव टिब्बा क्षेत्र तक लंबी दूरी की क्रॉस-कंट्री उड़ान भरने वाले 5 विदेशी पायलटों के एक समूह का हिस्सा थे।
अधिकारियों के अनुसार उड़ान के दौरान रिचमंड का पैराग्लाइडर अचानक अनियंत्रित होकर देव टिब्बा के पास पथरीले पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उनके साथ उड़ रहे अन्य पायलटों ने तुरंत इसकी सूचना मनाली प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, अग्निशमन विभाग के कर्मियों और स्थानीय रैस्क्यू टीमों ने संयुक्त खोज और बचाव अभियान शुरू किया।
बचाव दल ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद पैदल दुर्गम पहाड़ियों को पार कर घायल पायलट तक पहुंच बनाई और उन्हें प्रारंभिक चिकित्सा सहायता दी। इसके बाद रिचमंड को स्ट्रेचर के जरिए एक सुरक्षित समतल स्थान पर लाया गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए भारतीय वायुसेना की मदद ली गई। वायुसेना के चीता हेलीकॉप्टर के जरिए बेहद जोखिम भरे हालात में घायल ब्रिटिश नागरिक को एयरलिफ्ट कर भुंतर हवाई अड्डे पहुंचाया गया जहां से तुरंत क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू लाया गया।
डीसी कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा ने बताया कि भुंतर लाते ही घायल विदेशी नागरिक को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। हालांकि उनकी चोटें काफी गंभीर थीं, जिसके चलते डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए पीजीआई रैफर कर दिया। उन्हें एम्बुलैंस के माध्यम से चंडीगढ़ भेज दिया गया है, जहां उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है।
हिमालयी क्षेत्र में बार-बार हो रहे पैराग्लाइडिंग हादसे
इस ताजा घटना ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्र में लंबी दूरी की पैराग्लाइडिंग उड़ानों से जुड़े जोखिमों को उजागर कर दिया है। हाल के वर्षों में विदेशी पायलटों से जुड़ी ऐसी दुर्घटनाएं सामने आई हैं। अक्टूबर 2025 में एक रूसी पैराग्लाइडर निकिता वासितोव मनाली में सोलांग नाला के पास दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद घायल हो गए थे जिन्हें स्थानीय अधिकारियों द्वारा बचाया गया था। उसी महीने में बीड़-बिलिंग से उड़ान भरने वाले 3 विदेशी पायलट कुल्लू के ऊपरी इलाकों में फंस गए जिन्हें हैलीकॉप्टर अभियान के माध्यम से बचाया गया। 30 अक्टूबर 2024 को चेक गणराज्य की पैराग्लाइडर डीटा मिसुरकोवा की मनाली-रोहतांग मार्ग पर मढ़ी के पास दुर्घटना में जान चली गई थी।