Sirmaur: सैन्य सम्मान के साथ लांस नायक मुकेश कुमार पंचतत्व में विलीन, छोटे भाई ने दी चिता को मुखाग्नि

Edited By Vijay, Updated: 22 May, 2026 09:47 PM

lance naik mukesh kumar merege into panchtatva with military honour

हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में पांवटा साहिब के टोका नंगला गांव के 30 वर्षीय लांस नायक मुकेश कुमार का उनके पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

पांवटा साहिब (कपिल): हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में पांवटा साहिब के टोका नंगला गांव के 30 वर्षीय लांस नायक मुकेश कुमार का उनके पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। 15 आर्टिलरी रैजीमैंट (फील्ड) के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ अपने बहादुर जवान को विदाई दी। माता-पिता और परिवार की चीख-पुकार के साथ-साथ उपस्थित सभी की आंखें नम थी। अंतिम संस्कार में शामिल होकर सैंकड़ों लोगों ने अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की। भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब-शिलाई क्षेत्र दर्जनों सदस्य भी अपने साथी के इस तरह जाने पर भाव-विभोर दिखे। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना परिवार और देश के लिए अभूतपूर्व क्षति है।

बता दें कि 25 जून 1996 को टोका नंगला में पिता उजागर सिंह व माता राजबाला के घर वीर सपूत मुकेश कुमार ने जन्म लिया। 26 जून 2015 को मुकेश कुमार 15 आर्टिलरी रैजीमैंट (फील्ड) के अधीन सेना में सेवारत हुए और वर्तमान में देहरादून में सेवारत थे। मुकेश कुमार बचपन से ही बड़े पराक्रमी और खेलप्रेमी थे। मुकेश की शहादत से दो फौजी भाइयों की जोड़ी भी टूट गई है। शहीद मुकेश का छोटा भाई मंजीत भी सेना में सेवारत है और बहन अनीता एक विवाहित गृहिणी हैं। माता-पिता अपने बेटे के सिर पर सेहरा बांधने के सपने देख रहे थे। उन्हें क्या पता था कि होनी को कुछ और ही मंजूर होगा।

ज्ञात रहे कि कुछ दिन पूर्व ही सेना से वीर सपूत मुकेश कुमार माता-पिता और परिवार से मिलने छुट्टी आए थे। किसे पता था कि वीर सैनिक मुकेश कुमार के साथ ऐसी अनहोनी घटना होगी। वीर सैनिक मुकेश कुमार 21 मई को प्रातः अपने पिता व परिवार के साथ ट्रैक्टर से खेतों में गोबर खाद डाल रहे थे। मुकेश कुमार ट्रॉली के ऊपर पीछे खड़े थे लेकिन दुर्भाग्यवश खेतों के साथ से जा रही हाई टैंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गए और ट्रॉली से नीचे गिर गए। अफरा-तफरी के बीच गंभीर अवस्था में उन्हें सिविल अस्पताल पांवटा साहिब ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया लेकिन घटना संवेदनशील व सेना से जुड़ी होने के कारण पोस्टमार्टम के लिए शहीद मुकेश कुमार का पार्थिव शरीर डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन रैफर किया गया। इस दौरान लांस नायक मुकेश कुमार की सैन्य रैजीमैंट से उप-कमान अधिकारी लैफ्टिनैंट कर्नल संजय, नायब सूबेदार अनिल, नायब सूबेदार देवेंद्र सिंह, गनर अभिषेक, गनर अमन के अलावा भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब-शिलाई क्षेत्र के पदाधिकारी भी साथ मौजूद रहे। 

पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव देह को सायंकाल उनके घर टोका नंगला लाया गया।  जैसे ही पार्थिव देह घर पहुंची तो मुकेश के माता-पिता व भाई-बहन की चीख-पुकार सुनकर पूरा गांव गमगीन हो गया। भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब-शिलाई क्षेत्र के पदाधिकारियों ने परिवार को ढांढस बंधाया। उस समय सैन्य जवान और तहसीलदार पांवटा साहिब भी मौजूद रहे। लांस नायक मुकेश कुमार देश सेवा में समर्पित व कर्त्तव्यनिष्ठ एवं बहादुर सैनिक थे। उनके आकस्मिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सुबर पूरे सैन्य सम्मान के साथ पैतृक गांव में शहीद मुकेश कुमार की अंतिम यात्रा निकाली गई। भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा-शिलाई क्षेत्र और सैन्य टुकड़ी ने पांवटा साहिब में शहीद मुकेश की देह का नम आंखों से स्वागत कर पूरे सम्मान के साथ पुष्पांजलि अर्पित की और शहीद मुकेश अमर रहे के जयघोष लगाए। संगठन के सदस्यों ने शहादत पर गहरा शोक व्यक्त कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उसके बाद काफिला अंतिम यात्रा के लिए निकल पड़ा। जिसमें गांव व क्षेत्र के सैंकड़ों लोग शामिल हुए।

वीर सैनिक मुकेश की पार्थिव देह को पूरे सैन्य सम्मान के साथ छोटे व सैनिक भाई मंजीत ने नम आंखों से मुखाग्नि दी और एक माटी का लाल सदा के लिए पंचतत्व में विलीन हो गया। सैन्य टुकड़ी ने अपने वीर सैनिक मुकेश को आखिरी सलामी दी। भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब व शिलाई क्षेत्र ने हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना के इतने युवा और होनहार जवान का इस तरह चले जाना अत्यंत दुखद है। देश उनकी बहादुरी, सेवा और प्रतिबद्धता के लिए उनके प्रति कृतज्ञ है।

इस गमगीन मौके पर घर-परिवार, रिश्तेदारों और क्षेत्र के सैंकड़ों लोगों के साथ शहीद मुकेश कुमार की सैन्य बटालियन से कमांडिंग ऑफिसर कर्नल एच. नायर, सूबेदार मेजर के अलावा अन्य जवान तथा एसडीएम पांवटा द्विज गोयल एवं तहसीलदार पांवटा साहिब के अलावा भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब व शिलाई क्षेत्र से अध्यक्ष करनैल सिंह, उपाध्यक्ष रामभज धीमान, सचिव ओमप्रकाश चौहान, कोषाध्यक्ष इंदर सिंह, पूर्व अध्यक्ष विरेंद्र चौहान, नारायण बिरसान्टा, मामराज चौहान, नरेंद्र ठुंडू, स्वर्णजीत, अमर सिंह, राकेश कुमार, संदीप सिंह, कुलदीप, संतराम चौहान, प्रदीप सिंह, मोहर सिंह, अब्दुल वाहिद, हाकम सिंह, दीपचंद, रोशनलाल, दिनेश के अलावा कई सैनिक और पूर्व सैनिकों के साथ सैंकड़ों गण्यमान्य लोग मौजूद रहे।

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