Edited By Swati Sharma, Updated: 04 Apr, 2026 12:09 PM

Himachal Weather Update : हिमाचल प्रदेश के लाहौल एवं स्पीति जिले के प्रशासन ने अटल सुरंग के पास हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने हिमस्खलन के खतरे और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए सुरंग के उत्तरी प्रवेश द्वार के पास पर्यटकों...
Himachal Weather Update : हिमाचल प्रदेश के लाहौल एवं स्पीति जिले के प्रशासन ने अटल सुरंग के पास हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने हिमस्खलन के खतरे और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए सुरंग के उत्तरी प्रवेश द्वार के पास पर्यटकों की आवाजाही और वाणिज्यिक गतिविधियों पर प्रतिबंधित लगा दिया। वहीं, शिमला और उसके आसपास के इलाकों में शुक्रवार को ओलावृष्टि के बाद बारिश हुई तथा तेज हवाएं चलीं, जबकि कई स्थानों पर हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की गई।
60 KM की रफ्तार से चलेगी आंधी
शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में ओलावृष्टि, गरज, आकाशीय बिजली चमकने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के लिए 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया है। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर के लिए चार अप्रैल को गरज, बिजली चमकने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के लिए 'यलो' अलर्ट जारी किया गया।
जानें 9 अप्रैल तक कैसा रहेगा मौसम?
इधर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में चार तथा छह अप्रैल को तथा सभी 10 गैर-आदिवासी जिलों में सात अप्रैल को बादलों की गरज, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने के लिए इसी तरह की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने बताया कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तीन से छह अप्रैल के बीच मनाली, शिमला, कुफरी, नारकंडा, सोलांग घाटी और सिस्सू सहित अधिकतर पर्यटन स्थलों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि सात अप्रैल से शुरू होने वाले एक अन्य सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण सात से नौ अप्रैल तक भारी बारिश के आसार हैं।
'पर्यटकों और आम जनता का प्रवेश सख्ती से रहेगा प्रतिबंधित'
इधर, लाहौल एवं स्पीति की उपायुक्त किरण भड़ाना ने एक आदेश में कहा कि उत्तरी प्रवेश द्वार के बाईं ओर की पहाड़ी ढलानें, सुरंग द्वार के आसपास का क्षेत्र, चंद्र पुल और उसके आसपास का इलाका हिमस्खलन के लिहाज से अत्यधिक संवेदनशील है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष की भी जिम्मेदारी संभाल रहीं भड़ाना ने कहा कि इन क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे मानव जीवन को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है और आपातकाल अभियानों तथा यातायात प्रबंधन में बाधा उत्पन्न हो सकती है। आदेश में कहा गया है कि इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण गलियारे में हिमस्खलन की आशंका वाले इन क्षेत्रों पर पर्यटकों और आम जनता का प्रवेश सख्ती से प्रतिबंधित रहेगा।
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