Edited By Vijay, Updated: 18 Aug, 2026 07:59 PM

हिमाचल प्रदेश में मंगलवार की शाम भूकंप के लगातार दो झटकों से दहशत का माहौल बन गया। महज 45 मिनट के भीतर राज्य के दो पड़ोसी जिलों चम्बा और कांगड़ा में धरती कांप उठी। दोनों ही भूकंपों का केंद्र जमीन से सिर्फ 5 किलोमीटर नीचे था, जिसके चलते लोगों को झटके...
कांगड़ा/चम्बा: हिमाचल प्रदेश में मंगलवार की शाम भूकंप के लगातार दो झटकों से दहशत का माहौल बन गया। महज 45 मिनट के भीतर राज्य के दो पड़ोसी जिलों चम्बा और कांगड़ा में धरती कांप उठी। दोनों ही भूकंपों का केंद्र जमीन से सिर्फ 5 किलोमीटर नीचे था, जिसके चलते लोगों को झटके काफी स्पष्ट और तेज महसूस हुए। लगातार आई इस भूगर्भीय हलचल के कारण लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए।
शाम 6:54 बजे चम्बा में हिली धरती
भूकंप विज्ञान केंद्र द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भूकंप का पहला झटका मंगलवार शाम 6 बजकर 54 मिनट और 47 सैकेंड पर चम्बा जिले में दर्ज किया गया। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 3.6 मापी गई। इसका मुख्य केंद्र चंबा क्षेत्र के भीतर और सतह से 5 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।
शाम 7:40 बजे कांगड़ा में आया भूकंप
चम्बा के लोग अभी पहले झटके से उबरे भी नहीं थे कि ठीक 45 मिनट बाद कांगड़ा जिला भी भूकंप से दहल गया। शाम 7 बजकर 40 मिनट और 02 सैकेंड पर कांगड़ा में धरती हिली। यह झटका चंबा के मुकाबले अधिक तेज था। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.0 मापी गई है। इसकी गहराई भी जमीन के 5 किलोमीटर नीचे ही थी।
जानमाल के नुक्सान की सूचना नहीं, प्रशासन अलर्ट पर
भूकंप की गहराई कम होने के कारण दोनों जिलों के कई हिस्सों में झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में घबराहट फैल गई। हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक चम्बा या कांगड़ा के किसी भी हिस्से से जानमाल के नुक्सान या संपत्तियों को भारी क्षति पहुंचने की कोई सूचना नहीं है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश का कांगड़ा और चम्बा क्षेत्र भूकंप के लिहाज से अति संवेदनशील सिस्मिक जोन-5 में आता है, जहां अक्सर ऐसी हलचलें होती रहती हैं।
हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें