Edited By Kuldeep, Updated: 14 Apr, 2026 09:59 PM

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं के मूल्यांकन का दूसरा चरण 16 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। बोर्ड की कोशिश है कि इस बार नतीजे समय पर और बिना किसी गलती के घोषित किए जाएं, ताकि छात्रों को कॉलेज या अगली कक्षा में दाखिला लेने में कोई...
धर्मशाला (सुनील): हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं के मूल्यांकन का दूसरा चरण 16 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। बोर्ड की कोशिश है कि इस बार नतीजे समय पर और बिना किसी गलती के घोषित किए जाएं, ताकि छात्रों को कॉलेज या अगली कक्षा में दाखिला लेने में कोई परेशानी न हो। नतीजों को जल्द जारी करने के लिए बोर्ड ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कॉपियों की जांच के लिए शिक्षकों की हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है। बोर्ड ने साफ निर्देश दिए हैं कि इस काम में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। अनुशासन बनाए रखने और काम की रफ्तार बढ़ाने के लिए जिला उपनिदेशकों को भी सक्रिय कर दिया गया है।
बोर्ड ने जिला अधिकारियों को कहा है कि वे अपने इलाकों में नजर रखें कि कॉपियां जांचने वाले शिक्षकों की कमी न हो। अगर कहीं शिक्षकों की कमी दिखती है तो वहां तुरंत दूसरे योग्य शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाए, ताकि काम बीच में न रुके। इस बार बोर्ड का सबसे ज्यादा ध्यान इस बात पर है कि कॉपियों की जांच पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष हो। इससे यह पक्का होगा कि छात्रों को उनकी मेहनत का पूरा फल और सही नंबर मिलें। समय पर कॉपियां जांचने का काम पूरा होने से छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए बहुत राहत मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा का कहना है कि हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता समय पर और बिना किसी गलती के रिजल्ट घोषित करना है। हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि कॉपियों की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो, ताकि छात्रों को उनकी मेहनत का सही फल मिले। हमारा लक्ष्य है कि छात्रों को बेहतर भविष्य के लिए समय पर नतीजे मिल सकें।