Edited By Kuldeep, Updated: 18 May, 2026 06:28 PM

पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने देश में बढ़ती जनसंख्या को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बचत अभियान’ को आबादी नियंत्रण पर भी लागू किया जाए।
पालमपुर (भृगु): पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने देश में बढ़ती जनसंख्या को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बचत अभियान’ को आबादी नियंत्रण पर भी लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या गरीबी, बेरोजगारी और आर्थिक विषमता जैसी समस्याओं की मुख्य वजह बनती जा रही है। शांता कुमार ने कहा कि भारत आर्थिक रूप से मजबूत देशों में शामिल हो रहा है, लेकिन जनसंख्या विस्फोट के कारण देश में भूख, गरीबी और बेरोजगारी जैसी चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। उन्होंने चिंता जताई कि युवाओं में बढ़ती निराशा के चलते आत्महत्या और अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं।
उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की अधिक बच्चों पर आर्थिक प्रोत्साहन देने की घोषणा पर हैरानी जताते हुए कहा कि आज आवश्यकता जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की है, न कि उसे बढ़ावा देने की। शांता कुमार ने कहा कि 1947 में देश की आबादी 35 करोड़ थी, जो अब 145 करोड़ से अधिक हो चुकी है। हर वर्ष लगभग दो करोड़ लोगों की बढ़ौतरी के कारण सड़क, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोकसभा सीटों के राजनीतिक समीकरणों के लिए जनसंख्या बढ़ाने की सोच देशहित में नहीं है।