बघाट बैंक के 7 डिफाल्टर गिरफ्तार; कोर्ट पहुंचते ही छूटे पसीने, जेल जाने के खौफ से मौके पर ही जमा किया कैश

Edited By Vijay, Updated: 25 Jul, 2026 12:16 PM

7 defaulters of baghat bank arrested

बघाट बैंक का कर्ज लेकर उसे न चुकाने वालों (ऋण डिफाल्टरों) के खिलाफ सोलन पुलिस ने बड़ा अभियान छेड़ दिया है। बैंक का पैसा न लौटाने वालों की धरपकड़ शुरू हो गई है।

सोलन (नरेश पाल): बघाट बैंक का कर्ज लेकर उसे न चुकाने वालों (ऋण डिफाल्टरों) के खिलाफ सोलन पुलिस ने बड़ा अभियान छेड़ दिया है। बैंक का पैसा न लौटाने वालों की धरपकड़ शुरू हो गई है। शुक्रवार को पुलिस ने बघाट बैंक के 7 ऋण डिफाल्टरों को गिरफ्तार कर एआरसीएस अदालत में पेश किया। पुलिस की इस सख्ती और जेल जाने के खौफ के चलते डिफाल्टरों ने मौके पर ही ऋण की कुछ राशि जमा करवा दी। शेष राशि का जल्द भुगतान करने के आश्वासन के बाद फिलहाल उनके गिरफ्तारी वारंट निलंबित कर दिए गए हैं और वे जेल जाने से बच गए।

2 दिन में 10 गिरफ्तार, गारंटरों पर भी कस रहा शिकंजा
पिछले दो दिनों के भीतर पुलिस इस मामले में 7 अलग-अलग मामलों से जुड़े कुल 10 डिफाल्टरों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस धरपकड़ का असर यह हुआ कि इन सभी डिफाल्टरों ने जेल जाने से बचने के लिए अब तक करीब 27 लाख रुपए नकद जमा करवा दिए हैं। इसके अलावा 7 लाख रुपए के पोस्ट-डेटिड चैक भी दिए गए हैं, जो अगले 10 दिनों में कैश हो जाएंगे। खास बात यह है कि पुलिस की इस कार्रवाई में सिर्फ कर्ज लेने वाले ही नहीं, बल्कि उनकी गारंटी देने वाले (भी नप रहे हैं। कर्ज के समय गारंटी देना अब गारंटरों को भारी पड़ने लगा है।

115 डिफाल्टरों के वारंट जारी, अन्य जिलों की पुलिस पर भी दबाव
बता दें कि एआरसीएस सोलन ने करीब 10 दिन पहले 115 ऋण डिफाल्टरों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। ये डिफाल्टर केवल सोलन जिले तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पुलिस जिला बद्दी, सिरमौर, कांगड़ा, ऊना और शिमला जिले से भी ताल्लुक रखते हैं। फिलहाल धरपकड़ केवल सोलन पुलिस कर रही है, लेकिन अब अन्य जिलों की पुलिस पर भी इनकी गिरफ्तारी का दबाव बढ़ने लगा है, क्योंकि इस बार प्रदेश सरकार ने भी मामले का कड़ा संज्ञान लिया है।

बैंक के रिवाइवल के लिए सरकार गंभीर, बीओडी निलंबित
बघाट बैंक को संकट से उबारने (रिवाइवल) के लिए सरकार सख्त कदम उठा रही है। सरकार ने बैंक के निदेशक मंडल (बीओडी) को निलंबित कर उसकी जगह 3 प्रशासक नियुक्त कर दिए हैं। ये प्रशासक बैंक की शेयर पूंजी को 22 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 47 करोड़ रुपए तक पहुंचाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। इसके लिए शेयर होल्डर्स के साथ-साथ खाताधारकों से भी सहयोग की अपील की गई है। बैंक के एनपीए को कम करने की रणनीति के तहत ही डिफाल्टरों पर गिरफ्तारी का यह दबाव बनाया जा रहा है, ताकि वे रिकवरी जमा करना शुरू कर दें।

क्या कहते हैं अधिकारी?
एआरसीएस सोलन गिरीश नड्डा ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि सोलन पुलिस ने 7 ऋण डिफाल्टरों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। सभी ने मौके पर ऋण की कुछ राशि को जमा किया है और शेष राशि का जल्द भुगतान करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि अभी तक इन गिरफ्तारियों के दबाव से करीब 27 लाख रुपए की नकद रिकवरी हो चुकी है, जबकि 7 लाख रुपए के चैक जमा हुए हैं।

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