Edited By Vijay, Updated: 21 May, 2026 07:19 PM

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव प्रक्रिया की सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोलन जिले के कुनिहार के बाद अब बिलासपुर जिले में भी बैलेट पेपर गायब होने का मामला सामने आया है।
बिलासपुर (बंशीधर): हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव प्रक्रिया की सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोलन जिले के कुनिहार के बाद अब बिलासपुर जिले में भी बैलेट पेपर गायब होने का मामला सामने आया है। चुनावी तैयारियों के बीच प्रधान पद के 50 बैलेट पेपर रहस्यमयी तरीके से गायब होने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित एआरओ को चुनाव ड्यूटी से हटा दिया है और पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार बिलासपुर के अम्बेदकर भवन में पंचायत चुनावों के मद्देनजर बैलेट पेपर लेखन का कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान पता चला कि वार्ड नंबर-1 (जंगल सुंगल) के प्रधान पद के 50 बैलेट पेपर (क्रम संख्या 58001 से 58050 तक) मौके से गायब हैं। जैसे ही यह बात सामने आई तो वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए खंड विकास अधिकारी बिलासपुर विजय कुमार ने थाना सदर बिलासपुर में आधिकारिक शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में बताया गया है कि इन बैलेट पेपर्स की जिम्मेदारी राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर के सहायक आचार्य और मौजूदा समय में एआरओ के पद पर तैनात डॉ. दिनेश कुमार को दी गई थी। जांच के दौरान जब बैलेट पेपर रिकॉर्ड से गायब मिले तो प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए डॉ. दिनेश कुमार को तत्काल प्रभाव से चुनाव ड्यूटी से हटा दिया।
पुलिस ने बीडीओ की शिकायत के आधार पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1957 की धारा 136(2) और बीएनएस की धारा 3 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब बैलेट पेपर लेखन स्थल पर मौजूद सभी कर्मचारियों, अधिकारियों और संबंधित रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि यह घटना महज किसी लापरवाही का नतीजा है या इसके पीछे कोई सोची-समझी साजिश है।
लगातार दूसरे जिले में बैलेट पेपर गायब होने की घटना ने चुनावी व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं डीसी राहुल कुमार ने इस मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि लापरवाही बरतने वाले एआरओ को हटा दिया गया है और मामले की गहन छानबीन की जा रही है। डीसी ने स्पष्ट किया कि इस पूरी घटना की सूचना राज्य चुनाव आयोग को भेज दी गई है। अब चुनाव आयोग के जो भी निर्देश होंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें