Edited By Swati Sharma, Updated: 24 Mar, 2026 10:44 AM

Shimla News : हिमाचल प्रदेश सरकार सोमवार को विधानसभा में कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में रियायती यात्रा को व्यवस्थित करने के लिए 'हिम बस कार्ड' की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए इसके वास्ते लिए जाने वाले शुल्क को वापस लिए जाने के पक्ष में...
Shimla News : हिमाचल प्रदेश सरकार सोमवार को विधानसभा में कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में रियायती यात्रा को व्यवस्थित करने के लिए 'हिम बस कार्ड' की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए इसके वास्ते लिए जाने वाले शुल्क को वापस लिए जाने के पक्ष में नहीं है।
'निगम पर भारी वित्तीय बोझ पड़ा'
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विधानसभा में यह जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में रियायती यात्रा को व्यवस्थित करने के लिए यह प्रणाली आवश्यक है। उपमुख्यमंत्री ने प्रश्नकाल के दौरान भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुधीर शर्मा और विपिन सिंह परमार के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम ने अब तक हिम बस कार्ड से सेवा शुल्क के रूप में लगभग 4.72 करोड़ रुपए एकत्र किए हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि निगम ने पिछले एक वर्ष में लगभग 4.91 करोड़ महिला यात्रियों को किराए में 50 प्रतिशत की छूट के रूप में 82.27 करोड़ रुपये की राहत भी दी है, जिससे निगम पर भारी वित्तीय बोझ पड़ा है। अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार कार्ड शुल्क वापस नहीं ले सकती क्योंकि हिमाचल प्रदेश की महिला यात्रियों और राज्य के बाहर से आने वाली महिला यात्रियों के बीच अंतर करना व्यावहारिक नहीं होगा।
31 मार्च की समय-सीमा तय
अग्निहोत्री ने कहा, 'किराए में छूट देने में भेदभाव करना संभव नहीं है, क्योंकि अन्य राज्यों की महिलाएं भी निगम की बसों में यात्रा करती हैं।' उन्होंने हालांकि संकेत दिया कि सरकार छात्रों के लिए हिम बस कार्ड शुल्क माफ करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है, लेकिन कार्ड प्रणाली जारी रहेगी। महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक सहायता देने के कांग्रेस के वादे के संबंध में सुधीर शर्मा के एक पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सभी वादों को तुरंत लागू नहीं किया जा सकता। शर्मा ने यह सुझाव भी दिया कि 50 प्रतिशत की छूट देने के लिए हिम बस कार्ड के स्थान पर आधार कार्ड का उपयोग किया जाना चाहिए। अग्निहोत्री ने एक तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया में कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने काला धन वापस लाकर प्रत्येक नागरिक को 15 लाख रुपये देने का वादा किया था, जो पूरा नहीं हुआ। उन्होंने टिप्पणी की, 'सब कुछ एक साथ संभव नहीं है।' हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में रियायती और मुफ्त यात्रा का लाभ उठाने के लिए हिम बस कार्ड को सरकार ने पहले ही अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए 31 मार्च, 2026 की समय-सीमा तय की गई है, जिसके बाद वैध कार्ड के बिना ऐसी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा।