Edited By Kuldeep, Updated: 03 May, 2024 06:26 PM

डा. यशवंत सिंह परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के नेरी और नौणी परिसरों के छात्रों और वैज्ञानिकों का हाल ही में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित खाद्य प्रसंस्करण 4.0 : नवाचार और स्थिरता विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में शानदार...
सोलन (ब्यूरो): डा. यशवंत सिंह परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के नेरी और नौणी परिसरों के छात्रों और वैज्ञानिकों का हाल ही में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित खाद्य प्रसंस्करण 4.0 : नवाचार और स्थिरता विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में शानदार प्रदर्शन किया। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के छह संकाय और 26 स्नातकोत्तर छात्रों ने भाग लिया। खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. राकेश शर्मा ने खाद्य प्रसंस्करण : नवाचार और स्थिरता पर एक व्यावहारिक व्याख्यान दिया और कार्यात्मक खाद्य पदार्थ और न्यूट्रास्युटिकल्स पर केंद्रित एक तकनीकी सत्र की अध्यक्षता भी की। सहायक प्रोफैसर डा. अभिषेक ठाकुर को उनके पेपर वेस्ट टू वर्थ यूटिलाइजेशन ऑफ वास्प-अफेकटेड एप्पल वैरायटी अन्ना काे हिमाचल प्रदेश के उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में चिप्स बनाने के लिए शीर्षक के लिए सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति पुरस्कार से नवाजा गया। विश्वविद्यालय की सफलता में और योगदान देते हुए डाक्टरेट स्कॉलर अनुपमा आनंद और हरप्रीत कौर सैनी ने अपने संबंधित शोधपत्रों के लिए सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति पुरस्कार जीता।
अनुपमा ने मकई के वेस्ट से माइक्रोक्रिस्टलाइन सैल्यूलोज पर विभिन्न निष्कर्षण तकनीकों के प्रभाव की जांच और हरप्रीत ने मकई रेशम का इन विट्रो अध्ययन से उसकी मधुमेह विरोधी और एंटीऑक्सीडैंट क्षमता पर प्रस्तुति दी। दो अन्य डाक्टरेट स्कॉलर मोनिका ठाकुर और पूजा सोनी ने भी सर्वश्रेष्ठ पोस्टर प्रस्तुति पुरस्कार हासिल करके अपनी शोध उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया। मोनिका के पेपर, एलोवेरा जेल के साथ कार्यात्मक रूप से मजबूत कम कैलोरी वाले मफिन का निर्माण और मूल्यांकन, और पूजा के ऑस्मोटिक डीहाइड्रेटेड सैंड पियर चिप्स के निर्माण पर पोस्टर प्रस्तुति दी। इसके अतिरिक्त एम.एस.सी. की छात्रा अनिका पंवार ने चिटोसन नैनोइमल्शन-आधारित बायोएक्टिव फिल्में : उत्पादन और लक्षण वर्णन शीर्षक वाले अपने पेपर के लिए सर्वश्रेष्ठ पोस्टर प्रस्तुति पुरस्कार प्राप्त किया। विश्वविद्यालय प्रशासन और विभाग के वैज्ञानिकों ने सभी विजेताओं को बधाई दी।