Manimahesh Yatra: हड़सर से डल झील तक शाम 7 बजे के बाद नहीं कर पाएंगे सफर, लंगर लगाने वालों के लिए भी जारी हुआ ये फरमान

Edited By Vijay, Updated: 22 Aug, 2026 10:34 PM

shri manimahesh yatra

विश्व प्रसिद्ध श्री मणिमहेश यात्रा के सफल और सुरक्षित संचालन के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवाजाही को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने यात्रा के समय और लंगर लगाने को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

चम्बा/भरमौर (काकू/उत्तम): विश्व प्रसिद्ध श्री मणिमहेश यात्रा के सफल और सुरक्षित संचालन के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवाजाही को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने यात्रा के समय और लंगर लगाने को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शनिवार को डीसी मुकेश रेप्सवाल की अध्यक्षता में सुरक्षा एवं संचार व्यवस्था को लेकर एक अहम बैठक हुई, जिसमें कई कड़े फैसले लिए गए। बैठक में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर सबसे अहम निर्णय यह लिया गया कि रात के समय मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी। प्रशासन द्वारा तय किए गए समय के अनुसार मैहला से आगे रात 11:00 बजे से प्रातः 4:00 बजे तक यात्रा प्रतिबंधित रहेगी। हड़सर से पवित्र डल झील तक सायं 7:00 बजे से प्रातः 4:00 बजे तक श्रद्धालुओं की आवाजाही पर पूरी तरह रोक रहेगी।

भरमौर में बनेगा मुख्य कंट्रोल रूम, चप्पे-चप्पे पर होगी निगरानी
डीसी मुकेश रेप्सवाल ने बताया कि यात्रा के दौरान विभागों में बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए उपमंडलीय मुख्यालय भरमौर में एक मुख्य संचार नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही सैक्टर मैजिस्ट्रेट की तैनाती, भारी वाहनों की नियंत्रित आवाजाही और संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक उपकरणों व मशीनरी की उपलब्धता के निर्देश दिए गए हैं। हड़सर से डल झील तक श्रद्धालुओं की मदद और भीड़ प्रबंधन के लिए स्वयंसेवकों  की विशेष ड्यूटी लगाई जाएगी। इस बैठक में एडीसी अमित मेहरा, सहायक आयुक्त मनमोहन सिंह, एसडीएम चिराग शर्मा और डीएसपी बलदेव दत्त सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। डीसी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम और मार्ग की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए केवल निर्धारित समय और मार्गों का ही उपयोग करें तथा पुलिस व प्रशासन का सहयोग करें।

लंगर लगाने के लिए श्री मणिमहेश न्यास से अनुमति लेना अनिवार्य
दूसरी ओर, एडीएम भरमौर विकास शर्मा ने लंगर लगाने वाली समितियों के लिए भी नियम स्पष्ट कर दिए हैं। हड़सर से श्री मणिमहेश तक के पर्यावरण विकास समिति क्षेत्र में लंगर लगाने के लिए श्री मणिमहेश न्यास (एसडीएम कार्यालय भरमौर) से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। एडीएम ने बताया कि सभी लंगर समितियों को न्यास द्वारा तय नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। लंगर स्थल पर स्वच्छता, अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखना होगा। इसके अलावा, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लंगर समाप्त होने के बाद संचालक को वहां तैनात सैक्टर मैजिस्ट्रैट से क्लीयरैंस रिपोर्ट प्राप्त करनी होगी। यह रिपोर्ट प्रशासन को प्रस्तुत करने के बाद ही लंगर के लिए जमा की गई रिफंडेबल फीस (सिक्योरिटी राशि) वापस की जाएगी।

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