Edited By Kuldeep, Updated: 30 Aug, 2026 07:27 PM

हिमाचल में कुछ दिनों की सुस्ती के बाद मानसून ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। रविवार को राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई।
शिमला (संतोष): हिमाचल में कुछ दिनों की सुस्ती के बाद मानसून ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। रविवार को राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई। लगातार हो रही बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण राज्य को अब तक 1184.78 करोड़ रुपए से अधिक का नुक्सान झेलना पड़ा है। भारी तबाही के कारण प्रदेश भर में 64 सड़कें यातायात के लिए ठप्प हैं, जबकि 120 साल पुरानी कालका-शिमला हैरिटेज रेललाइन के नीचे से मिट्टी बह जाने के कारण रविवार को सभी 10 टॉय ट्रेन रद्द कर दी गईं।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार प्रदेश भर में 64 सड़कें पूरी तरह बंद हैं। इसके अलावा 226 बिजली ट्रांसफार्मर बंद होने से बिजली आपूर्ति और 9 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। मानसून सीजन के दौरान लोक निर्माण विभाग को 897.58 और जल शक्ति विभाग को 258.61 करोड़ रुपए की क्षति हुई है। 30 जून से 30 अगस्त तक प्राकृतिक आपदाओं के कारण 104 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि सड़क दुर्घटनाओं में 149 लोगों की मृत्यु हुई है। 24 घंटों में रामशहर में 78.5, धौलाकुआं में 38.5, घाघस में 30, पालमपुर में 23.8, मुरारी देवी में 22, काहू में 11.6, पंडोह में 10 और जोगिंद्रनगर में 8 मिलीमीटर वर्षा हुई।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 31 अगस्त से 3 सितम्बर तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश का यैलो अलर्ट जारी किया है। 31 अगस्त को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर, 1 सितम्बर को बिलासपुर, चम्बा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर, 2 सितम्बर को बिलासपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर तथा 3 सितम्बर को सिरमौर जिला में भारी बारिश का यैलो अलर्ट जारी किया गया है। भारी बारिश को देखते हुए सिरमौर स्थित गिरि जटोंन बांध और किन्नौर/शिमला क्षेत्र के नाथपा बांध से अतिरिक्त पानी छोड़ा गया है। प्रशासन ने निचले व मैदानी क्षेत्रों के निवासियों को नदियों, खड्डों और नालों से दूर रहने तथा सतर्कता बरतने की सलाह दी है।