Edited By Kuldeep, Updated: 20 May, 2026 10:19 PM

प्रदेश हाईकोर्ट ने अदालती आदेश की अनुपालना न करने पर डॉक्टर यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार को अदालत में पेश करने हेतु जमानती वारंट जारी किया है।
शिमला (मनोहर): प्रदेश हाईकोर्ट ने अदालती आदेश की अनुपालना न करने पर डॉक्टर यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार को अदालत में पेश करने हेतु जमानती वारंट जारी किया है। न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज ने प्रार्थी नेक राम द्वारा दायर अनुपालना याचिका की सुनवाई के दौरान पाया कि उक्त अधिकारियों को पिछली सुनवाई को अनुपालना संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे और ऐसा न करने पर व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा था। कोर्ट ने पाया कि न तो अदालत के फैसले की अनुपालना हुई है और न ही वीसी और रजिस्ट्रार कोर्ट में उपस्थित हुए। इसके बाद माननीय न्यायालय ने वारंट जारी करने के आदेश दिए हैं।
मामले के अनुसार याचिकाकर्त्ता ने वर्कचार्ज कार्यकाल को पैंशन के लिए गिने जाने के आदेश की मांग करते हुए वर्ष 2025 में याचिका दायर की थी। 13 नवम्बर को कोर्ट ने विश्वविद्यालय को आदेश दिए थे कि वह राज्य सरकार बनाम मातवर सिंह मामले में दिए फैसले के मद्देनजर याचिकाकर्त्ता के मामले पर भी 4 सप्ताह के भीतर विचार करे। जब फैसले पर अमल नहीं हुआ तो प्रार्थी को अनुपालना याचिका दायर करनी पड़ीं। कोर्ट ने विश्वविद्यालय को फैसले पर अमल हेतु पांच अवसर प्रदान किए परंतु फिर भी अनुपालना न होने पर कोर्ट ने उक्त अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर उन्हें 22 मई को पेश होने के आदेश दिए।