Edited By Kuldeep, Updated: 12 Oct, 2026 06:42 PM

पंजाब और चंडीगढ़ के विश्वविद्यालयों में हाल ही में सामने आई घटनाओं को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है।
शिमला (राक्टा): पंजाब और चंडीगढ़ के विश्वविद्यालयों में हाल ही में सामने आई घटनाओं को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशों की अनुपालन में सोमवार को पुलिस मुख्यालय शिमला में पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश के 17 निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में मुख्य रूप से निर्णय लिया गया कि सभी विश्वविद्यालयों में सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके तहत प्रवेश एवं निकास पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। आगंतुकों का सत्यापन किया जाएगा। छात्रावासों की सुरक्षा तथा निजी सुरक्षा कर्मियों के पुलिस सत्यापन और नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था मजबूत की जाएगी।
बैठक की शुरूआत में लवली प्रोफैशनल यूनिवर्सिटी और चितकारा यूनिवर्सिटी में हुई हालिया घटनाओं पर प्रस्तुति दी गई, जिनसे सबक लेते हुए हिमाचल प्रदेश में ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न न होने देने पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में आई.जी. सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, डी.आई.जी. दक्षिणी रेंज, डी.आई.जी. कानून एवं व्यवस्था, कमांडैंट प्रथम भारतीय आरक्षित वाहिनी तथा सोलन, शिमला, मंडी, बद्दी, कांगड़ा और ऊना के पुलिस अधीक्षक ने भाग लिया। पुलिस महानिदेशक ने विश्वविद्यालयों से यातायात स्वयंसेवक योजना, साइबर सुरक्षा जागरूकता, तकनीक के बेहतर उपयोग तथा मुख्यमंत्री के एंटी-चिट्टा जन आंदोलन में सक्रिय सहयोग का आग्रह किया।
उन्होंने विश्वविद्यालयों और पुलिस के बीच नियमित सहयोग को संस्थागत रूप देने के लिए समझौता ज्ञापन करने की संभावना पर भी चर्चा की। डी.जी.पी. ने विश्वविद्यालयों से विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को इस सेवा तथा महिलाओं की सुरक्षा के लिए उपलब्ध ट्रैक भी सुविधा के बारे में जागरूक करने और पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया माध्यमों से जुड़ने का आग्रह किया। बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप विभाग का प्रयास है कि किसी अप्रिय घटना के बाद कार्रवाई करने की बजाय ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे घटनाओं को पहले ही रोका जा सके। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय प्रशासन से किसी भी आपात स्थिति, संदिग्ध गतिविधि या सुरक्षा संबंधी समस्या की सूचना तुरंत 112 पर देने की अपील की।
प्रवक्ता और नोडल अधिकारी होंगे नामित
किसी भी घटना के दौरान सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलने से रोकने के लिए पुलिस के साइबर क्राइम एवं मीडिया प्रकोष्ठ के साथ समन्वय रखा जाएगा। प्रत्येक विश्वविद्यालय एक अधिकृत प्रवक्ता नामित करेगा। इसी तरह प्रत्येक विश्वविद्यालय एक नोडल सुरक्षा अधिकारी नामित करेगा, जो संबंधित जिला पुलिस अधीक्षक के निरंतर संपर्क में रहेगा। विश्वविद्यालय परिसरों का संयुक्त सुरक्षा ऑडिट तथा आपात स्थितियों से निपटने के लिए स्पष्ट कार्यप्रणाली भी विकसित की जाएगी।