Shimla: सहारा योजना में पूर्व सरकार ने अपात्र लोगों को भी किया शामिल : मुख्यमंत्री

Edited By Kuldeep, Updated: 25 Aug, 2026 10:13 PM

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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि न हिमकेयर योजना बंद हुई है और न ही सहारा योजना बंद की गई है।

शिमला (राक्टा): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि न हिमकेयर योजना बंद हुई है और न ही सहारा योजना बंद की गई है। प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को नियम-130 के तहत स्वास्थ्य सेवाओं पर चल रही चर्चा के दौरान विपक्ष द्वारा उठाए गए सवाल पर हस्तक्षेप करते हुए मुख्यमंत्री ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने सहारा योजना को स्वास्थ्य विभाग से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में स्थानांतरित कर दिया है। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में इस योजना में अपात्र लोगों को भी शामिल कर दिया था। अब पात्र लाभार्थियों की पहचान और सत्यापन के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं की सेवाएं ली जा रही हैं। 3 हजार लोगों के करीब लोगों को इस योजना का लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि हिमकेयर योजना बंद किए जाने की बात सही नहीं है, लोगों को इसका लाभ मिल रहा है। वर्ष में 4 बार हिमकेयर कार्ड बन रहे हैं। अस्पताल में आने वाले जरूरतमंद को योजना का लाभ देने के लिए वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक और प्रिंसीपल को 100-100 कार्ड बनाने की शक्तियां दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमकेयर योजना में 100 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में हिमकेयर के तहत करीब एक हजार करोड़ रुपए का एरियर मौजूदा सरकार पर छोड़ा।

व्हाइट पेपर कमेटी खोलेगी भ्रष्टाचार की पोल
मुख्यमंत्री ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए गठित व्हाइट पेपर कमेटी जल्द ही पूरे तथ्य प्रदेश की जनता के सामने रखेगी। आरोप लगाया कि भाजपा मुद्दाविहीन राजनीति कर रही है और महत्वपूर्ण विषयों पर सदन में चर्चा से बचने के लिए वाकआऊट का सहारा ले रही है।

उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष के वाकआऊट पर सवाल उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है। स्वास्थ्य, रोजगार और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर सदन में होने वाली चर्चा के दौरान विपक्ष के हर सवाल का तथ्यात्मक जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अगर किसी विषय पर सवाल उठाना है तो उसे सदन में चर्चा करनी चाहिए।

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