Edited By Kuldeep, Updated: 02 Apr, 2026 07:37 PM

हिमाचल प्रदेश के नवनिर्मित सरकारी मैडीकल कालेजों में अनुभवी फैकल्टी की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।
शिमला (ब्यूरो): हिमाचल प्रदेश के नवनिर्मित सरकारी मैडीकल कालेजों में अनुभवी फैकल्टी की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग ने क्लीनिकल और नॉन-क्लीनिकल विशेषज्ञता वाले सेवानिवृत्त प्रोफैसरों को अनुबंध के आधार पर फिर से नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है।
नियुक्त किए जाने वाले सेवानिवृत्त प्रोफैसरों को 2.50 लाख प्रति माह का फिक्स्ड मानदेय दिया जाएगा। यह नियुक्तियां डा. वाईएसपीजीएमसी नाहन, एसएलबीएसजीएमसी नेरचौक (मंडी), डा. आरकेजीएमसी हमीरपुर और पं. जेएलएनजीएमसी चंबा के लिए की जाएंगी। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य मैडीकल कालेजों में शैक्षणिक मानकों को बनाए रखना और मरीजों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करना है। सरकार ने चिकित्सा शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत विज्ञापन जारी कर इन पदों के लिए आवेदन आमंत्रित करें, ताकि संस्थानों का कामकाज सुचारू रूप से चल सके।