हिमाचल में कम विद्यार्थियों वाले 100 और सरकारी स्कूलों को बंद करने की तैयारी : शिक्षा मंत्री

Edited By Kuldeep, Updated: 06 May, 2026 10:29 PM

shimla schools closed

हिमाचल प्रदेश में 100 और सरकारी स्कूलों को बंद करने की तैयारी है। तय मानकों के मुताबिक 100 शिक्षण संस्थानों में अभी भी विद्यार्थियों की संख्या न के बराबर है।

शिमला (अभिषेक): हिमाचल प्रदेश में 100 और सरकारी स्कूलों को बंद करने की तैयारी है। तय मानकों के मुताबिक 100 शिक्षण संस्थानों में अभी भी विद्यार्थियों की संख्या न के बराबर है। ऐसे संस्थानों को बंद करने की फाइल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के पास भेजी गई है। इसको लेकर स्कूल शिक्षा निदेशालय ने प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री के पास भेजा है। कुछ स्कूलों में विद्यार्थियों का नामांकन शून्य है, जबकि कुछ स्कूलों में 5 व इससे कम विद्यार्थी हैं। ऐसे में इन स्कूलों को बंद करने पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री ही लेंगे।

मंत्रिमंडल पहले ही ऐसे स्कूलों को बंद व मर्ज करने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत कर चुका है। ऐसे में इस मामले को अब मंत्रिमंडल में रखने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री कार्यालय से मंजूरी मिलने के बाद अब इसके आदेश जारी कर दिए जाएंगे। तय नियमों के तहत यदि किसी स्कूल में 5 से कम विद्यार्थी हों तो उस स्कूल को साथ लगते स्कूलों के साथ मर्ज किया जा सकता है, लेकिन इनमें कुछ ऐसे स्कूल भी हैं जो दूरदराज क्षेत्रों के हैं और इनके बंद होने से दूसरे स्कूल की दूरी ज्यादा है, इसलिए मामला अभी तक विचाराधीन है।

बुधवार को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में 100 सरकारी स्कूल ऐसे हैं जहां पर विद्यार्थी न के बराबर हैं, ऐसे में मामला मुख्यमंत्री के पास भेजा गया है। उन्होंने इस दौरान बताया कि कुछ स्कूलों का दर्जा भी कम किया जाएगा, उसका प्रस्ताव भी प्रदेश सरकार के पास विचाराधीन है। बातचीत के दौरान उन्होंने जमा-2 के परीक्षा परिणाम पर संतोष जाहिर करते हुए कहा कि सरकारी स्कूल के बच्चों ने इस बार टॉप किया है। यह शिक्षा क्षेत्र में सुधारों का नतीजा है।

हिमाचल में फसलों पर मौसम की मार, सेब से लेकर फलों और गेहूं की फसल को नुक्सान
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बरसात से बागवानों को काफी नुक्सान हो रहा है। बेमौसमी बारिश से सेब की फसल हो ही शुरूआती आकलन के मुताबिक 40 प्रतिशत नुक्सान हो चुका है। उन्होंने कहा कि सेब ही नहीं बल्कि अन्य फसलों पर भी मौसम की मार पड़ी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार लगातार आपदाओं से गुजर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र हिमाचल के साथ भेदभाव कर रहा है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!