Edited By Vijay, Updated: 16 Jun, 2026 04:54 PM

शिमला पुलिस ने एक बड़े अंतर्राज्यीय नैटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पंजाब के खरड़ से मुख्य सप्लायर हरप्रीत उर्फ हैरी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस पूरे मामले में अब तक करीब 25 लाख रुपए मूल्य का 316 ग्राम चिट्टा और 84,900 कैश बरामद...
शिमला (संतोष): शिमला पुलिस ने एक बड़े अंतर्राज्यीय नैटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पंजाब के खरड़ से मुख्य सप्लायर हरप्रीत उर्फ हैरी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस पूरे मामले में अब तक करीब 25 लाख रुपए मूल्य का 316 ग्राम चिट्टा और 84,900 कैश बरामद किया जा चुका है। मामले की शुरूआत 10 जून को हुई, जब पुलिस थाना सदर शिमला में मुकद्दमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने जाल बिछाकर राहुल ठाकुर निवासी धर्मपुर, जिला मंडी को 7 ग्राम चिट्टे और 23,000 रुपए के साथ दबोचा था।
शिमला पुलिस ने इस मामले में परंपरागत जांच से आगे बढ़कर डिजिटल साक्ष्यों, वित्तीय लेन-देन और व्हाट्सएप चैट्स का गहन तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि राहुल को चिट्टे की सप्लाई पंजाब के खरड़ निवासी हरप्रीत उर्फ हैरी द्वारा की गई थी। ठोस तकनीकी सबूत मिलने के बाद थाना सदर शिमला की टीम ने पंजाब के खरड़ स्थित गोल्डन इस्टेट में हरप्रीत के ठिकाने पर योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी। तलाशी के दौरान आरोपी हरप्रीत सिंह उर्फ हैरी पुत्र जसबीर सिंह के कब्जे से 309 ग्राम चिट्टा और 61,900 की नकदी बरामद हुई, जिसके बाद उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी हरप्रीत बेहद शातिर है। वह पुलिस से बचने के लिए केवल व्हाट्सएप के जरिए ही तस्करों से संपर्क करता था। यही नहीं, ड्रग्स का पैसा वह कभी अपने बैंक खाते में नहीं मंगवाता था, बल्कि अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के खातों का इस्तेमाल करता था। पैसा खाते में आते ही वह तुरंत खुद कैश निकाल कर अपने पास रख लेता था। प्रैस वार्ता को संबोधित करते हुए एएसपी अभिषेक ने कहा कि बैकवर्ड लिंकेज के तहत पकड़े गए 49 आरोपियों को पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, केरल और भारत-नेपाल सीमा जैसे सुदूर क्षेत्रों से दबोचा गया है।
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